ग्रहशान्ति हवन: मुख्य आहुति द्रव्य, शाकल्य विमर्श और स्वेच्छाचार का खण्डन
ग्रहशान्ति हवन में घृत-मधु-दधि युक्त समिधा की प्रधानता, शाकल्य में व्याप्त अशास्त्रीय स्वेच्छाचार का खण्डन और नवग्रहों के विहित मन्त्रों का प्रामाणिक विमर्श।
ग्रहशान्ति हवन में घृत-मधु-दधि युक्त समिधा की प्रधानता, शाकल्य में व्याप्त अशास्त्रीय स्वेच्छाचार का खण्डन और नवग्रहों के विहित मन्त्रों का प्रामाणिक विमर्श।
धार्मिक विसंगतियों में “सब ठीक है” कहने की आत्मघाती भूल, वर्तमान में व्रात्य दोष के शास्त्रीय परिहार और मनमुखी पुरोहिती के भयंकर दुष्परिणामों पर पण्डित दिगम्बर झा का तीक्ष्ण विमर्श।