संशोधित अपात्रक सपिंडीकरण श्राद्ध विधि – वाजसनेयी
वाजसनेयी संशोधित ‘अपात्रक सपिण्डीकरण श्राद्ध विधि’: जानें प्रेतवेदी और पितृवेदी के पृथक्करण का शास्त्रीय महत्त्व। सपिण्डीकरण का उचित काल, आसनादि क्रम और ‘तंत्र’ निषेधों का प्रामाणिक विश्लेषण।
कर्मकांड में पूजा, पाठ, जप, हवन, शांति, संस्कार, श्राद्ध आदि सभी प्रकरण समाहित हो जाते हैं। कर्मकांड विधि द्वारा इन सभी कर्मकांड पूजा पद्धति से संबंधित विधि और मंत्रों का यहाँ पर्याप्त संग्रहण उपलब्ध है – karmkand
वाजसनेयी संशोधित ‘अपात्रक सपिण्डीकरण श्राद्ध विधि’: जानें प्रेतवेदी और पितृवेदी के पृथक्करण का शास्त्रीय महत्त्व। सपिण्डीकरण का उचित काल, आसनादि क्रम और ‘तंत्र’ निषेधों का प्रामाणिक विश्लेषण।
जानें केवल गुरुजनों की सेवा मात्र से शास्त्रीय दृष्टि और ईश्वर की कृपा कैसे प्राप्त होती है। कर्मकांड की शुद्धता और गुरु भक्ति पर विशेष लेख।
क्या आप भी धर्म और कर्मकांड के नाम पर ठगी का शिकार महसूस करते हैं? यह आलेख स्पष्ट करता है कि कैसे हमारी अपनी अज्ञानता और शास्त्र-विरुद्ध आचरण हमें ठगी की ओर धकेलते हैं। जानें, क्यों योग्य गुरु और शुद्ध पूजन सामग्री न मिलना हमारे अपने पापों का परिणाम है।
यह शोधपरक आलेख अधिकमास (मलमास/पुरुषोत्तम मास) के दौरान होने वाले श्राद्ध विधानों पर विस्तृत प्रकाश डालता है। इसमें विशेष रूप से ‘षोडश बनाम सप्तदश’ श्राद्ध के विवाद, एकादशमासाभ्यन्तरे की व्याकरणिक मीमांसा और संवत्सर २०८२-२०८३ के पंचांगीय गणित के माध्यम से यह समझाया गया है कि किस माह के मृतक का श्राद्ध अधिकमास में होगा और किसका नहीं।
कन्यादान की शास्त्रीय विधि और अधिकारी का पूर्ण विश्लेषण। क्या माता या मामा कन्यादान कर सकते हैं? रजस्वला कन्या (वृषली) दान का दोष और निवारण। विवाह संस्कार में होने वाली आधुनिक विसंगतियों पर शास्त्रों का प्रामाणिक उत्तर।
“क्या कर्मकांड में बढ़ती अशुद्धता से आप चिंतित हैं? जानें कैसे ‘जिज्ञासा’ और ‘शास्त्रीय प्रश्नों’ के माध्यम से आप अपने पुरोहित को शास्त्रोन्मुख कर सकते हैं। कर्मकांड में सुधार, सामग्री की शुद्धि और योग्य कर्मकांडी की पहचान पर एक विस्तृत मार्गदर्शिका।
क्या वर्तमान कर्मकांडी ब्राह्मण शास्त्रसम्मत हैं? जानें योग्य और अयोग्य ब्राह्मण के लक्षण, जन्मना श्रेष्ठता का महत्व और पौरोहित्य में बढ़ती अज्ञानता का समाधान। अंगिरा, वशिष्ठ और मनुस्मृति के आलोक में योग्य ब्राह्मण चुनने की प्रामाणिक मार्गदर्शिका।
क्या आपके बाप-दादा जो करते आए वो गलत था? जानें कर्मकाण्ड में ‘बाप-दादा’ की दुहाई देकर शास्त्र विरुद्ध आचरण करने वालों का तार्किक उत्तर। अपण्डितों के अहंकार, प्रतिष्ठा और मासिक श्राद्ध के विधान पर एक शोधपरक आलेख।
सविधि षोडश श्राद्ध (Shodasha Shraddh) कैसे करें? जानें कुतप काल का महत्व, मंत्रों की शुद्धता, और श्राद्ध में होने वाली सामान्य गलतियों का शास्त्रीय समाधान। पितृ ऋण मुक्ति हेतु एक विस्तृत मार्गदर्शिका।
“भगवान श्रीसत्यनारायण की भविष्य पुराणोक्त षडध्यायी (६ अध्याय) कथा का संपूर्ण संस्कृत पाठ। जानें क्यों है कलियुग में संस्कृत भाषा में कथा श्रवण अनिवार्य और क्या हैं इसके अलौकिक लाभ। काशी के सदानन्द ब्राह्मण और राजा चन्द्रचूड के दिव्य प्रसंगों के माध्यम से दरिद्रता निवारण, पुत्र प्राप्ति और संकट मुक्ति का शास्त्रोक्त मार्ग। कर्मकाण्ड की मर्यादा और कथा श्रवण के गुप्त नियमों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्तुति।”