संध्यावंदन प्रयोग
सदाचार और त्रिकाल सन्ध्यावन्दन के सूक्ष्म शास्त्रीय मर्म को उद्घाटित करता हुआ एक शोधपरक विमर्श वर्तमान युग की वैचारिक शिथिलता पर एक परम आवश्यक प्रहार है।
सदाचार और त्रिकाल सन्ध्यावन्दन के सूक्ष्म शास्त्रीय मर्म को उद्घाटित करता हुआ एक शोधपरक विमर्श वर्तमान युग की वैचारिक शिथिलता पर एक परम आवश्यक प्रहार है।
“क्या आधुनिक जीवनशैली में कर्माधिकार की रक्षा संभव है? जानें ‘प्रत्याम्नाय’ और ‘गो-निष्क्रय’ का वह रहस्य जो व्रात्यता, अनाश्रमी दोष और अभक्ष्य भक्षण से उत्पन्न अनधिकार का निवारण करता है। कर्माधिकार विमर्श के तृतीय भाग में शास्त्रीय प्रमाणों के साथ कर्माधिकार प्राप्ति का अंतिम विकल्प।”