प्रमाण संग्रहण : कर्मकांडी के लिये अनिवार्य अन्यथा अयोग्य
यह आलेख कर्मकांड के क्षेत्र में ‘प्रमाण’ की महत्ता, परिभाषा और उसके व्यावहारिक स्वरूप पर विस्तृत प्रकाश डालता है। इसमें सांख्य, योग, न्याय और मीमांसा जैसे षड्दर्शनों में वर्णित प्रमाणों की तुलना करते हुए यह सिद्ध किया गया है कि कर्मकांड विशुद्ध रूप से ‘शब्द (आप्त) प्रमाण’ पर आधारित है।