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रामार्चा कथा : 6 Chapter

रामार्चा कथा रामार्चा कथा

॥ अथ षष्ठोऽध्यायः ॥

श्री पार्वत्युवाच

श्री शिव उवाच

॥ इति श्री रामार्चा माहात्म्यं ॥

श्री शिव संहिता के भव्योत्तर खण्ड में रामार्चा पूजाविधि, माहात्म्य मिलता है। यह कथा भगवान शंकर और पार्वती के संवाद रूप में दिया गया है। प्रथम दो अध्याय में रामार्चा पूजा की विधि एवं मंत्रों को बताया गया है तथा अध्याय ३ से अध्याय ६ तक ४ अध्यायों में रामार्चा माहात्म्य अर्थात रामार्चा कथा है। यहां संपूर्ण कथा संस्कृत में प्रस्तुत प्रस्तुत किया गया है। उपरोक्त रामार्चा कथा को पूर्ण रूप से शुद्ध रखने का प्रयास किया गया है तथापि कदाचित कोई त्रुटि शेष हो तो विद्वद्जन उसपर ध्यानाकृष्ट करने के महती कृपा करें।

प्रथम चरण  द्वितीय चरण   तृतीय चरण  चतुर्थ चरण

कर्मकांड विधि में शास्त्रोक्त प्रमाणों के साथ प्रामाणिक चर्चा की जाती है एवं कई महत्वपूर्ण विषयों की चर्चा पूर्व भी की जा चुकी है। तथापि सनातनद्रोही उचित तथ्य को जनसामान्य तक पहुंचने में अवरोध उत्पन्न करते हैं। एक बड़ा वैश्विक समूह है जो सनातन विरोध की बातों को प्रचारित करता है। गूगल भी उसी समूह का सहयोग करते पाया जा रहा है अतः जनसामान्य तक उचित बातों को जनसामान्य ही पहुंचा सकता है इसके लिये आपको भी अधिकतम लोगों से साझा करने की आवश्यकता है।

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