संपूर्ण रुद्राष्टाध्यायी
अथ ध्यानम् –
ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारु चन्द्रवतंसम् ।
रत्नाकल्पोज्ज्वलाङ्गं परशु मृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम् ॥
पद्मासीनं समन्तात् स्तुतममरगणैर्व्याघ्रकृतिं वसानम् ।
विश्वाद्यं विश्ववन्द्यं निखिलभयहरं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रम् ॥
मोबाईल के अनुकूलित रुद्री हेतु आप मोबाईल ऐप “पार्थिव पूजनं” डाउनलोड कर सकते हैं। “पार्थिव पूजनं” मोबाईल अनुप्रयोग “सम्पूर्ण कर्मकांड विधि द्वारा ही प्रकाशित किया गया है। डाउनलोड करने के लिये प्ले स्टोर पर ढूंढे – Parthiv Pujanam
रुद्राष्टाध्यायी प्रथम अध्याय – ॥ प्रथमोऽध्यायः ॥
ॐ गणानां त्वा गणपति ᳪ हवामहे प्रियाणां त्वा प्रियपति ᳪ हवामहे
निधीनां त्वा निधीपति ᳪ हवामहे वसो मम ।
आहमजानिगर्भधमात्त्वमजासि गर्भधम् ॥१॥
गायत्रीत्रिष्टुब्जगत्यनुष्टुप्पङ्क्त्यासह ॥
बृहत्युष्णिहाककुप्सूचीभिः शम्यन्तु त्वा ॥२॥
द्विपदायाश्चतुष्पदास्त्रिपदायाश्चषट्पदाः ।
विच्छन्दा याश्च सच्छन्दाः सूचीभिः शम्यन्तु त्वा ॥३॥
सहस्तोमाः सहछन्दस ऽआवृतः सहप्रमाः ऽऋषयः सप्तदैव्याः ॥
पूर्वेषां पन्थामनुदृश्य धीरा ऽअन्वालेभिरे रथ्यो न रश्मीन् ॥४॥
यज्जाग्रतो दूरमुदैति दैवं तदु सुप्तस्य तथैवैति ॥
दूरङ्गमं ज्योतिषां ज्योतिरेकं तन्मे मनः शिवसङ्कल्पमस्तु ॥५॥
येन कर्माण्यपसो मनीषिणो यज्ञे कृण्वन्ति विदथेषु धीराः ॥
यदपूर्वं यक्षमन्तः प्रजानां तन्मे मनः शिवसङ्कल्पमस्तु ॥६॥
यत्प्रज्ञानमुतचेतो धृतिश्च यज्ज्योतिरन्तरमृतं प्रजासु ॥
यस्मान्न ऽऋते किञ्चन कर्म क्रियते तन्मे मनः शिवसङ्कल्पमस्तु ॥७॥
येनेदं भूतं भुवनं भविष्यत्परिगृहीतममृतेन सर्वम् ॥
येन यज्ञस्तायते सप्तहोता तन्मे मनः शिवसङ्कल्पमस्तु ॥८॥
यस्मिन् ऋचः सामयजू ᳪ षि यस्मिन्प्रतिष्ठिता रथनाभाविवाराः ॥
यस्मिन् चित्त ᳪ सर्वमोतं प्रजानां तन्मे मनः शिवसङ्कल्पमस्तु ॥९॥
सुषारथिरश्वानिव यन्मनुष्प्यान्नेनीयतेभीशुभिर्वाजिनऽइव ॥
हृत्प्रतिष्ठं यदजिरं जविष्ठं तन्मे मनः शिवसङ्कल्पमस्तु ॥१०॥
इति रुद्राष्टाध्यायी प्रथमोऽध्यायः ॥१॥
बहुत सुन्दर
बहुत-बहुत धन्यवाद
नवीनतम अनुप्रयोग सत्यनाराण व्रत-पूजा-कथा
(स्कंदोक्त और भविष्योक्त दोनों)
संपूर्ण कर्मकांड विधि द्वारा कर्मकांड विषयक अनुप्रयोग विकसित किये जा रहे हैं और अभी नवीनतम अनुप्रयोग सत्यनाराण व्रत-पूजा-कथा प्ले स्टोर पर अपलोड किया गया है। इसमें स्कंदपुराणोक्त और भविष्यपुराणोक्त दोनों पूजा विधि और कथा का संकलन किया गया है। जिनका ईमेल पूर्व से जांचकर्त्ता के रूप में पूर्व से पंजीकृत हैं वो इंस्टॉल कर सकते हैं। जिनका ईमेल पंजीकृत नहीं है वो अपना ईमेल व्यक्तिगत रूप से प्रदान कर सकते हैं।
ऐप का लिंक : https://play.google.com/store/apps/details?id=com.satyanarayan.vrat
यदि आप सभी अनुप्रयोग (प्ले स्टोर पर उपलब्ध) देखना चाहें तो दो लिंक है –
https://play.google.com/store/apps/dev?id=7754609276600313515
https://karmkandvidhi.com/app