ब्राह्मणों को किस प्रकार दोष से बचना चाहिये ?
अयाज्य-याजन जनित संसर्ग दोष से ब्राह्मणों की रक्षा का अचूक शास्त्रीय विधान। लघ्वाश्वलायन स्मृति के आलोक में षट्कर्म अनुष्ठान द्वारा मार्जनपरक गंभीर विमर्श।
अयाज्य-याजन जनित संसर्ग दोष से ब्राह्मणों की रक्षा का अचूक शास्त्रीय विधान। लघ्वाश्वलायन स्मृति के आलोक में षट्कर्म अनुष्ठान द्वारा मार्जनपरक गंभीर विमर्श।
क्या गीता का ज्ञान भ्रमित करने वाला है? भृतकाध्यापकों की अनर्हता, मन्त्राक्षमता, ‘कर्मणा वर्णव्यवस्था’ के कुतर्क का खण्डन आदि तथ्यों का गंभीर और तीक्ष्ण शास्त्रीय सम्मार्जन।