Headlines
महाजनो येन गतः स पन्थाः कब-कैसे प्रयोग होगा और कहां नहीं

महाजनो येन गतः स पन्थाः कब-कैसे प्रयोग होगा और कहां नहीं

क्या कर्मकांड में “महाजनो येन गतः स पन्थाः” सूक्त का प्रयोग सही है? जानें इस सुप्रसिद्ध पौराणिक वचन का वास्तविक अर्थ, स्वेच्छाचार पर प्रहार, और मैथिल-मैथिलेत्तर पद्धतियों के उत्कृष्ट उदाहरणों के साथ शास्त्रज्ञ आचार्यों की वास्तविक पहचान।

Read More
आत्मज्ञान या दम्भ ?

आत्मज्ञान या दम्भ ?

आत्मज्ञान और आध्यात्मिक दम्भ का प्रामाणिक शास्त्रीय भेद। माहेश्वरतन्त्र, गीता और श्रीमद्भागवत के साक्ष्यों के आधार पर जडभरत प्रसंग और प्रारब्ध-क्षय की कुशल विवेचना।

Read More
घर में यदि पीपल का वृक्ष उग जाये तो क्या करें ?

घर में यदि पीपल का वृक्ष उग जाये तो क्या करें ?

घर, छत या दीवार पर उगे पीपल वृक्ष को हटाने की समन्त्रक शास्त्रोक्त विधि। पण्डित दिगम्बर झा और विद्यागौरव गिरधारी जी महाराज का ‘आपद्धर्म’ के अंतर्गत प्रामाणिक विमर्श और शास्त्रसम्मत विश्लेषण।

Read More
क्या गीता का ज्ञान भी भ्रमित करने वाला है ?

क्या गीता का ज्ञान भी भ्रमित करने वाला है ?

क्या गीता का ज्ञान भ्रमित करने वाला है? भृतकाध्यापकों की अनर्हता, मन्त्राक्षमता, ‘कर्मणा वर्णव्यवस्था’ के कुतर्क का खण्डन आदि तथ्यों का गंभीर और तीक्ष्ण शास्त्रीय सम्मार्जन।

Read More
"सब ठीक है" में छुपी सबसे बड़ी त्रुटि और मनमुखी उत्तर का दुष्परिणाम

“सब ठीक है” में छुपी सबसे बड़ी त्रुटि और मनमुखी उत्तर का दुष्परिणाम

धार्मिक विसंगतियों में “सब ठीक है” कहने की आत्मघाती भूल, वर्तमान में व्रात्य दोष के शास्त्रीय परिहार और मनमुखी पुरोहिती के भयंकर दुष्परिणामों पर पण्डित दिगम्बर झा का तीक्ष्ण विमर्श।

Read More
आसन्न संकट और मार्ग; भाग - १

आसन्न संकट और मार्ग; भाग – १

मानव सभ्यता पर आसन्न संकट का शास्त्रीय समाधान और ‘दीक्षा तत्व’ का वास्तविक मर्म। जानें क्यों सावित्री दीक्षा (उपनयन) ही सर्वश्रेष्ठ है और ‘कान फुंकवाने’ का सम्प्रदायवादी भ्रम क्यों पतनोन्मुखी है।

Read More
गांठ बांध लो आध्यात्मिक उन्नति का मूल चरणसेवा है

गांठ बांध लो आध्यात्मिक उन्नति का मूल चरणसेवा है

क्या धार्मिक प्रदर्शन और आडंबर से आत्मकल्याण संभव है? जानें क्यों कलियुग में केवल ‘चरणसेवा’ ही आध्यात्मिक उन्नति का एकमात्र आधार है। शास्त्र सम्मत प्रमाणों के साथ गुरु, विप्र और माता-पिता की सेवा का वास्तविक महत्व।

Read More
आत्मपरिचय और ब्रह्मसूत्रम्

आत्मकथा और ब्रह्मसूत्रम्

जानें केवल गुरुजनों की सेवा मात्र से शास्त्रीय दृष्टि और ईश्वर की कृपा कैसे प्राप्त होती है। कर्मकांड की शुद्धता और गुरु भक्ति पर विशेष लेख।

Read More
धर्म के नाम पर हम ठगी का शिकार क्यों बन जाते हैं ?

धर्म के नाम पर हम ठग के शिकार क्यों बन जाते हैं ?

क्या आप भी धर्म और कर्मकांड के नाम पर ठगी का शिकार महसूस करते हैं? यह आलेख स्पष्ट करता है कि कैसे हमारी अपनी अज्ञानता और शास्त्र-विरुद्ध आचरण हमें ठगी की ओर धकेलते हैं। जानें, क्यों योग्य गुरु और शुद्ध पूजन सामग्री न मिलना हमारे अपने पापों का परिणाम है।

Read More
नाद-ब्रह्म का चमत्कार: संस्कृत चित्रकाव्य और ध्वन्यात्मक श्लोक संग्रह

नाद-ब्रह्म का चमत्कार: संस्कृत चित्रकाव्य और ध्वन्यात्मक श्लोक संग्रह

संस्कृत साहित्य की अद्भुत चित्रात्मकता और नाद-सौंदर्य का अन्वेषण करें। शिव ताण्डव से लेकर नृसिंह स्तुति और भगवान दिगम्बर के दुर्लभ ध्वन्यात्मक पदों का अनूठा संग्रह। जानें कैसे ये ‘शब्दचित्र’ मानसिक एकाग्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं।

Read More