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संपूर्ण कर्मकांड विधि

संपूर्ण कर्मकांड विधि

एकादशी उद्यापन की सामग्री – ekadashi udyapan samagri

एकादशी उद्यापन की सामग्री – ekadashi udyapan samagri

एकादशी उद्यापन की सामग्री – ekadashi udyapan samagri : दान सामग्री के संबंध में मुख्य नियम यही है कि यजमान का सामर्थ्य क्या है। यजमान से सामर्थ्य के अनुसार दान सामग्री में कमी भी हो सकती है और अधिक भी किया जा सकता है। यहां एक पुनरावृत्ति पुनः करना अपेक्षित है “एक दरिद्र यजमान यदि कुछ दान करने में समर्थ न हो तो मात्र ब्राह्मण भोजन कराकर भी उद्यापन कर सकता है।”

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दस महाविद्या स्तोत्र संस्कृत में

दस महाविद्या स्तोत्र संस्कृत में

दस महाविद्यायें वास्तव में आदिशक्ति का ही अवतार है और इन महाविद्याओं की शक्तियां ही सम्पूर्ण संसार को चलाती है। इन सब महाविद्याओं का प्रयोग ज्ञान और शक्ति को अर्जन के लिए किया जाता है। इन दस महाविद्या काली, तारा, त्रिपुरसुंदरी, षोडशी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्तिका, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातङ्गी माता आदि के नाम से जानी जाती है।

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दुर्गा आपदुद्धारक स्तोत्र हिन्दी अर्थ सहित – durga apaduddharaka stotram

दुर्गा आपदुद्धारक स्तोत्र हिन्दी अर्थ सहित – durga apaduddharaka stotram

दुर्गा आपदुद्धार स्तोत्र सिद्धीश्वरीतंत्र में उमामहेश्वर संवाद के रूप में वर्णित है।
इसके पाठ से सभी प्रकार के आपदाओं का निवारण होता है।
प्राणीमात्र के लिये सबसे बड़ी आपदा जन्म-मृत्यु का बंधन है।
इसके साथ ही सांसारिक जीवन में भी कई प्रकार के आपत् देखे जाते हैं।
दुर्गा आपदुद्धार स्तोत्र का पाठ करना सांसारिक आपत् का भी निवारक है।

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अयोध्या धर्मशाला कांटेक्ट नंबर

कई शताब्दी के बाद २२ जनवरी २०२४ को राम लला पुनः अपने श्री अयोध्या धाम के मंदिर में विराजमान हुये हैं। ऐसे में देश विदेश के श्रद्धालु भक्त जन राम लला का दर्शन करना चाहते हैं।

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महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र – अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते

महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र – अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते

महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र एक बहुत ही सुंदर स्तोत्र है जिसे भगवती की अर्चना में लयपूर्वक पढ़ा जाता है। इसका प्रयोग पुष्पांजलि हेतु भी किया जा सकता है। महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र में कुल २२ श्लोक मिलते हैं। इस आलेख में महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित दिया गया है। इसके साथ ही भगवती के अनेकों अन्य स्तोत्रों के अनुगमन पथ भी दिये गये हैं जिसका अनुसरण करते हुये अन्य स्तोत्रों का भी अवलोकन करना सरल हो जाता है।

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देव्यपराधक्षमापनस्तोत्रम् – देवी अपराध क्षमापन स्तोत्र

देव्यपराधक्षमापनस्तोत्रम् – देवी अपराध क्षमापन स्तोत्र

इसका प्रार्थना का भाव इतना गंभीर है कि कुटिल जीव का भी हृदय द्रवित हो जाये। फिर जो माता स्वभावतः भक्तों के ऊपर दया करने को आतुर रहती है उनके लिये तो कहना ही क्या ?

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दुर्गाद्वात्रिंशन्नाममाला – दुर्गा के 32 नाम

दुर्गाद्वात्रिंशन्नाममाला – दुर्गा के 32 नाम

यह रहस्य अत्यंत गोपनीय और दुर्लभ हैं। मेरे बत्तीस नामों की माला सब प्रकार की आपत्ति का विनाश करने वाली हैं। तीनों लोकों में इस के समान दूसरी कोई स्तुति नहीं हैं। यह रहस्यरूप हैं।

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दुर्गा मानस पूजा अर्थ सहित

दुर्गा मानस पूजा अर्थ सहित – durga manas puja

दुर्गा मानस पूजा अर्थ सहित – durga manas puja : मानस पूजा उत्तम प्रकार है। अपने इष्ट का मन में ध्यान करके उनके मानस पूजा स्तोत्र का पाठ करते हुये मन में ही पूजा के विभिन्न दिव्य उपचारों (आसन, पाद्य, अर्घ्य आदि) की कल्पना करके अर्पित की जाती है। मानस पूजा में किसी वस्तु की नहीं केवल भाव की आवश्यकता होती है।

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क्षमा प्रार्थना मंत्र

क्षमा प्रार्थना मंत्र

क्षमा प्रार्थना का तात्पर्य है अपने अपराधों (गलतियों) के लिये क्षमा याचना की विनती करना। यहां दिये गये क्षमा प्रार्थना में एक मंत्र “आवाहनं न जानामि” का प्राकारांतर भी दिया गया है एवं एक अतिरिक्त मंत्र “प्रसीद भगवत्यम्ब” भी दिया गया है।

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मूर्ति रहस्य दुर्गा सप्तशती

मूर्ति रहस्य दुर्गा सप्तशती

ॐ नन्दा भगवती नाम या भविष्यति नन्दजा।
स्तुता सा पूजिता भक्त्या वशीकुर्याज्जगत्त्रयम्॥
कनकोत्तमकान्तिः सा सुकान्तिकनकाम्बरा।
देवी कनकवर्णाभा कनकोत्तमभूषणा॥

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