यहां पढ़ें त्रिपुर भैरवी सहस्रनाम स्तोत्र संस्कृत में – Tripura Bhairavi sahasranam stotra : त्रिपुर शब्द का अर्थ है, तीनो लोक अर्थात “स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल” और भैरवी विनाश के एक सिद्धांत के रूप में अवस्थित हें, तात्पर्य है तीन लोको में सर्वनाशक या विध्वंस कि जो शक्ति है, वह भैरवी है। देवी त्रिपुर भैरवी का घनिष्ठ सम्बन्ध ‘काल भैरव’ से है, जो जीवित तथा मृत जीवों को उनके दुष्कर्मो के अनुसार दंड देते है तथा अत्यंत भयानक स्वरूप वाले तथा उग्र स्वाभाव वाले हैं। यहां त्रिपुर भैरवी सहस्रनाम स्तोत्र (Tripura Bhairavi sahasranam stotra) संस्कृत में दिया गया है।