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संशोधित सांवत्सरिक एकोद्दिष्ट अर्थात वार्षिक श्राद्ध - वाजसनेयी

संशोधित सांवत्सरिक एकोद्दिष्ट अर्थात वार्षिक श्राद्ध – वाजसनेयी

वाजसनेयी संशोधित ‘सांवत्सरिक (वार्षिक) श्राद्ध विधि’। जानें क्यों वार्षिक श्राद्ध में महापात्र का प्रवेश वर्जित है और स्वभूमि में भूस्वामि भाग का निषेध क्यों है। प्रामाणिक मंत्रों सहित क्षयाह श्राद्ध विमर्श।

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अधिकमास में श्राद्ध का सप्रमाण विचार

अधिकमास में श्राद्ध का सप्रमाण विचार

यह शोधपरक आलेख अधिकमास (मलमास/पुरुषोत्तम मास) के दौरान होने वाले श्राद्ध विधानों पर विस्तृत प्रकाश डालता है। इसमें विशेष रूप से ‘षोडश बनाम सप्तदश’ श्राद्ध के विवाद, एकादशमासाभ्यन्तरे की व्याकरणिक मीमांसा और संवत्सर २०८२-२०८३ के पंचांगीय गणित के माध्यम से यह समझाया गया है कि किस माह के मृतक का श्राद्ध अधिकमास में होगा और किसका नहीं।

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