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विवाह सामग्री लिस्ट – vivah samagri

विवाह सामग्री लिस्ट – vivah samagri

विवाह सामग्री लिस्ट – vivah samagri : यहाँ वाग्दान विधि से लेकर चतुर्थी कर्म तक की सामग्री सूचियां विभागशः दिया गया है : वर का वस्त्र, कांस्य स्थाली (जाम), जलपात्र, स्थाली, चावल (धान), सुंदर वस्त्र, हरिद्रा गांठ, पुंगीफल, पान, यज्ञोपवीत, दूर्वा, फल, द्रव्य, चांदी का सिक्का-पान-मछली-सुपारी, दधि, हरिद्रा चूर्ण आदि।

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कैसे करते हैं चतुर्थी का विवाह – chaturthi vidhi

कैसे करते हैं चतुर्थी का विवाह – chaturthi vidhi

चतुर्थी का विवाह – सम्प्रदाने भवेत्कन्या घृतहोमे सुमङ्गली । वामभागे मवद्भार्या पत्नी चतुर्थीकर्मणि ॥ दान करने मात्र से कन्या, घृतहोम करने के पश्चात् सुमङ्गली, वाम भाग में स्थित होने से भार्या और चतुर्थी कर्म के पश्चात् पत्नी संज्ञा होती है।

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विवाह पद्धति | विवाह विधि और मंत्र | जयमाला विधि सहित – वाजसनेयी – vivah vidhi

विवाह पद्धति | विवाह विधि और मंत्र | जयमाला विधि सहित – वाजसनेयी – vivah vidhi

विवाह पद्धति – vivah vidhi : धूआ-पानी, जयमाला विधि आदि कई महत्वपूर्ण विधियों को समाहित करने से उपरोक्त विवाह विधि विशेष उपयोगी सिद्ध होती है। ….. vivah vidhi

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लग्न पत्रिका कैसे लिखें | प्रारूप | lagn patrika

लग्न पत्रिका कैसे लिखें | प्रारूप | lagn patrika

लग्न पत्रिका कैसे लिखें : लग्न पत्रिका (lagn patrika) लेखन में विवाह के लिये शुभ लग्न निश्चय करना आवश्यक होता है। शुभ लग्न निश्चय करने के बाद तदनुसार मासादि का उल्लेख किया जाता है।

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विनायक शांति पूजा विधि | vinayak shanti

विनायक शांति पूजा विधि | vinayak shanti

विनायक शांति पूजा विधि | vinayak shanti – उपनयन-विवाहादि-निर्विघ्नता हेतु संकल्प : ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः श्रीमद् भगवतो ………… विनायकशांति करिष्ये ॥ मुंडन, उपनयन, विवाह, गृहारम्भ, गृहप्रवेश आदि में भी निर्धारित काल में यदि विघ्न उपस्थित हो जाये अथवा

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वर वरण विधि | सगुन – sagun | हस्त ग्रहण वाग्दान कैसे करें

वर वरण विधि | सगुन – sagun | हस्त ग्रहण वाग्दान कैसे करें

वर वरण विधि | सगुन – sagun | हस्त ग्रहण वाग्दान कैसे करें ? वाग्दान विधि : अव्यंगेऽपतितेऽक्लीवे दशदोष विवर्जिते । इमां कन्यां प्रदास्यामि देवाग्नि द्विज सन्निधौ ॥ ………. शर्माणं (यथायोग्य) वरं कन्या प्रतिगृहीतृत्वेन त्वामहं वृणे॥

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कैसे बनता है विवाह मुहूर्त ? विवाह संबंधी सभी महत्वपूर्ण जानकारी

कैसे बनता है विवाह मुहूर्त ? विवाह संबंधी सभी महत्वपूर्ण जानकारी

विवाह मुहूर्त – दिन की भांति रात्रि के 15 मुहूर्ताधिपति क्रमशः इस प्रकार होते हैं –  ईश्वर (शिव), अजैकपाद, अहिर्बुध्न्य, पूषा, अश्विनी कुमार, यमराज, अग्नि, ब्रह्मा (धाता), चन्द्रमा, अदिति, बृहस्पति, विष्णु, सूर्य, त्वष्टा, समीरण (वायु) – रात्रौ पंचदशेश्वराज ..

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विवाह क्या है, अर्थ, परिभाषा, प्रकार, उद्देश्य, बाल विवाह आदि की विस्तृत जानकारी – Vivah

विवाह क्या है, अर्थ, परिभाषा, प्रकार, उद्देश्य, बाल विवाह आदि की विस्तृत जानकारी – Vivah

विवाह गार्हस्थ जीवन का द्वार है और सृष्टि को अनवरत रखने में अपनी भूमिका निर्वहन करने के लिये अनिवार्य होता है। विवाह किये बिना किसी व्यक्ति के गृहस्थ आश्रम का प्रारम्भ नहीं होता।

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महामृत्युंजयष्टक

महामृत्युंजयष्टक

किसी भी भगवान की आराधना में स्तोत्र का भी महत्वपूर्ण स्थान होता है। स्तोत्रों में अष्टक का विशेष महत्व होता है। सभी देवताओं के विभिन्न स्तोत्रों के साथ ही उनके अष्टक स्तोत्र भी होते है। इसी प्रकार महामृत्युंजय भगवान का भी अष्टक स्तोत्र है। इस आलेख में महमृत्युञ्जय अष्टक दिया गया है।

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महामृत्युंजय कवच हिन्दी अर्थ सहित

महामृत्युंजय कवच हिन्दी अर्थ सहित

महामृत्युंजय कवच रुद्रयामल तंत्र में वर्णित है।महामृत्युंजय कवच का पाठ, श्रवण और यंत्र में धारण करने का विधान है। महामृत्युंजय कवच pdf डाउनलोड

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