विगत दो दशकों से मकर संक्रांति 14 जनवरी को होगा या 15 जनवरी को होगा यह विवाद निरंतर बना रहता है। कारण यह है कि न तो प्रतिवर्ष 14 जनवरी को होता है और न ही 15 जनवरी को। 14 जनवरी से शनैः-शनैः 15 जनवरी के लिये स्थान्तरित हो रहा है। 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी बुधवार को होगा। क्यों होगा इसको तो आगे समझेंगे ही, लेकिन उससे पहले जो प्रश्न या शंका अधिकतर यजमानों द्वारा व्यक्त की जाएगी उस पर विचार करेंगे।
मकर संक्रांति कब है 14 या 15 को – Makar Sankranti
वह प्रश्न या शंका होगी : मकर संक्रांति हर बार 14 जनवरी को होता है; तो अब 15 जनवरी को क्यों होगा?
प्रश्नकर्ता यजमानों के लिये अलग उत्तर होगा जो प्रामाणिक होगा, किन्तु शंका करने वाले यजमानों के लिये जो आस्तिक कम और नास्तिक अधिक होंगे और पञ्चाङ्गों को, ब्राह्मणों को झूठा कहेंगे, नहीं मानने की बात करेंगे उनके लिये उत्तर से पहले एक प्रश्न ही ठोंकना होगा :- आप मकर संक्रांति मनाते हैं या 14 जनवरी ?
वज्रमूर्ख यजमान ही होगा जो टालमटोल कर शंका पर अड़ा ही रहेगा लेकिन थोड़ी समझ, संस्कार भी जिस यजमान के पास होगी वह स्वतः समझ जाएगा कि हम 14 जनवरी नहीं मनाते हैं, मकर संक्रांति या तिला संक्रांति मनाते हैं और उसका उत्तर मकर संक्रांति ही होगा।
मकर संक्रांति कब है 2026
- सूर्य का मकर राशि में प्रवेश – 14 जनवरी बुधवार अपराह्न 3:06 (pm) बजे।
- निकटतम उदित सूर्य – 14 जनवरी बुधवार।
- तिथि – माघ कृष्ण एकादशी (२०८२ विक्रम संवत्सर)
- चूंकि सूर्य मकर राशि में 14 जनवरी को अपराह्न (दिन में) ही प्रविष्ट होंगे अतः नियमानुसार पुण्यकाल 14 जनवरी बुधवार को सम्पूर्ण दिन होगा।
- अतः 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी बुधवार को होगा।

2026 न ही लीप वर्ष है न ही लीप वर्ष का पूर्व वर्ष अपितु लीप वर्ष का आगामी वर्ष है अतः सामान्य विचार से भी वर्ष 2026 में 15 जनवरी को मकर संक्रांति होने की कोई संभावना ही नहीं होती। 2025 में मकर संक्रांति 14 जनवरी माघ कृष्ण एकादशी (२०८२ विक्रम संवत्सर) को ही सिद्ध होता है।