
पढ़ें अग्नि अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र संस्कृत में – agni ashtottara shatanamavali
पढ़ें अग्नि अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र संस्कृत में – agni ashtottara shatanamavali : षड्देवता में अग्नि भी आते हैं और अग्नि की उपासना अन्य देवोपासकों को भी करनी ही होती है। किसी भी देवता के उपासक हो हवन में अग्नि की उपासना करनी ही होती है। वैसे अग्नि उपासकों का एक विशेष वर्ग भी होते हैं जो अग्निहोत्री कहलाते हैं और साग्निक नाम से जाने जाते हैं एवं शास्त्रों में अग्निहोत्रियों का विशेष महत्व बताया गया है। सामान्य लोगों की तुलना में अग्निहोत्रियों के लिये भिन्न विधान भी होता है।