व्यापार बढ़ाने का सबसे बड़ा उपाय
व्यापार बढ़ाने के लिये लोग अनेकानेक प्रयास करते रहते हैं। लेकिन जो सबसे बड़ा उपाय है वह आपको कोई नहीं बताता है। उन्नति के उपाय को जानने के लिये कितना भी प्रयास करें लेकिन आपको बताया जाता है – व्यापार में वृद्धि के टोटके। ऐसा नहीं है कि टोटके बिल्कुल निष्फल होते हैं लेकिन टोटके का न तो कोई दीर्घकालिक लाभ होता है न ही कोई बड़ा लाभ होता है। टोटका की वास्तविकता को इस प्रकार से समझा जा सकता है जैसे भोजन में कोई अतिरिक्त चटनी, आचार आदि। चटनी या आचार मुख्य भोजन नहीं होता है लेकिन भोजन का आनंद बढ़ाने में सहयोगी होता है।
दूसरे तरीके से भी समझा जा सकता है जैसे – सोने में सुहागा। महत्वपूर्ण सोना होता है, सोना हो तो सुहागे से और अच्छा हो जाता है लेकिन सुहागा हो सोना ही न हो तो क्या ? यदि आप भी सिर्फ टोटकों के पीछे भाग रहे हैं तो इसका यही अर्थ है की बिना सोना के केवल सुहागा लेकर मचल रहे हैं। हम यहां व्यापार बढ़ाने के जिस उपाय की चर्चा करेंगे वह सबसे बड़ा उपाय है और सुहागा न भी रहे सोना का महत्व फिर भी कम नहीं होता।
प्रत्येक वस्तु किसी न किसी ग्रह के अधीन होती है और जिस वस्तु का व्यापार आप करते हैं आपको उस वस्तु के ग्रह के बारे में जानकारी रखनी चाहिये। अपने व्यापार की वस्तु के ग्रह, मंत्र, यंत्र आदि की विशेष जानकारी रखनी चाहिये। यदि व्यापार की वस्तु के ग्रह प्रसन्न रहें तो व्यापार में वृद्धि की अपार संभावना उत्पन्न कर सकते हैं और यदि व्यापार की वस्तु के ग्रह अप्रसन्न रहें तो अन्य कोई उपाय, कोई टोटका किसी काम का नहीं होता है।

जैसे सोना के बिना सुहागा, भोजन की मुख्य वस्तु के बिना चटनी और अचार ?
जेनरल स्टोर में तो बहुत सारी वस्तुयें रहती हैं जो किसी एक ग्रह की नहीं होती इसलिये जेनरल स्टोर में नवग्रह यंत्र स्थापित करके प्रतिदिन पूजा करनी चाहिये।