Headlines
पढ़िये श्री राम स्तोत्र संस्कृत में - ram stotra

पढ़िये श्री राम स्तोत्र संस्कृत में – ram stotra

पढ़िये श्री राम स्तोत्र संस्कृत में – ram stotra : यहां भगवान श्री राम की अनेकों स्तोत्र संस्कृत में दी गयी है जो इस प्रकार है : अध्यात्म रामायणोक्त अहल्याकृत श्री राम स्तोत्र, इन्द्रकृत श्री राम स्तोत्र, जटायुकृत श्री राम स्तोत्र, महादेवकृत श्री राम स्तोत्र और श्रीमद्भागवत महापुराणोक्त हनुमत्कृत श्री राम स्तोत्र।

Read More
पढ़िये श्री राम स्तुति संस्कृत में - ram stuti

पढ़िये श्री राम स्तुति संस्कृत में – ram stuti

पढ़िये श्री राम स्तुति संस्कृत में – ram stuti : हम भगवान राम की आराधना विष्णु अवतार रूप में करते हैं। भगवान श्री राम की उपासना में हमें उनके स्तुतियों की भी आवश्यकता होती है जिसके द्वारा उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास कर सकें।

Read More
पढ़िये श्री राम द्वादश नाम स्तोत्र संस्कृत में - ram dwadash naam stotram

पढ़िये श्री राम द्वादश नाम स्तोत्र संस्कृत में – ram dwadash naam stotram

पढ़िये श्री राम द्वादश नाम स्तोत्र संस्कृत में – ram dwadash naam stotram : भगवान श्री राम के बारह नामों का स्तोत्र महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां प्रथम स्कन्दपुराणोक्त श्रीराम द्वादशनाम स्तोत्र दिया गया है और तदनन्तर ब्रह्माण्डपुराणोक्त श्रीराम द्वादशनाम स्तोत्र भी दिया गया है।

Read More
यहां पढ़ें सनत्कुमार संहितोक्त रामस्तवराज संस्कृत में - ram stavraj

यहां पढ़ें सनत्कुमार संहितोक्त रामस्तवराज संस्कृत में – ram stavraj

यहां पढ़ें सनत्कुमार संहितोक्त रामस्तवराज संस्कृत में – ram stavraj : सनत्कुमार संहिता में नारद मुनिकृत राम स्तोत्र है जिसे रामस्तवराज नाम से जाना जाता है। यह धर्मराज युधिष्ठिर और व्यास संवाद के रूप में वर्णित है जिसका वर्णन सूत जी द्वारा किया गया है। यहां भगवान श्री राम एक प्रमुख स्तोत्रों में से एक अध्यात्म रामयणोक्त रामस्तवराज (ram stavraj) संस्कृत में दिया गया है।

Read More
अध्यात्म रामयणोक्त राम गीता संस्कृत में - ram geeta

अध्यात्म रामयणोक्त राम गीता संस्कृत में – ram geeta

अध्यात्म रामयणोक्त राम गीता संस्कृत में – ram geeta : मूल गीता भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया उपदेश ही है किन्तु इसके साथ ही अन्य देवों द्वारा किये विशेष उपदेश भी उनकी गीता के नाम से जानी जाती है जिसमें से एक राम गीता भी है।

Read More
माङ्गल्यस्तव : मंगलकारी विष्णु स्तोत्र - shubhad vishnu stotra

माङ्गल्यस्तव : मंगलकारी विष्णु स्तोत्र – shubhad vishnu stotra

माङ्गल्यस्तव : मंगलकारी विष्णु स्तोत्र – shubhad vishnu stotra : दाल्भ्य ऋषि ने पुलस्त्य ऋषि से प्रश्न सभी प्रकार से मंगलकारी और दुःस्वप्नन नाशक, अरिष्टनिवारक स्तोत्र के बारे में पूछा तो पुलस्त्य ऋषि ने माङ्गल्यस्तव का वर्णन किया और फलश्रुति में सभी प्रकार से मंगलकारी और दुःस्वप्नन नाशक आदि भी बताया।

Read More
कल्याणकारी मंगल स्तोत्र अथवा मनोरथाष्टकम् - kalyankari mangal stotra

कल्याणकारी मंगल स्तोत्र अथवा मनोरथाष्टकम् – kalyankari mangal stotra

कल्याणकारी मंगल स्तोत्र अथवा मनोरथाष्टकम् – kalyankari mangal stotra : प्रातः स्मरणीय मंगल श्लोकों के बारे में तो लोग जानते ही हैं किन्तु इसके अतिरिक्त भी अनेकों कल्याणकारी मंगल स्तोत्र हैं जिनमें से एक प्रमुख स्तोत्र है व्यासकृत मंगल स्तोत्र (mangal stotra) जिसे मनोरथाष्टक भी कहा जाता है अर्थात यह स्तोत्र मनोरथ सिद्ध करने वाला है।

Read More
पढ़ें अश्वत्थ स्तोत्र संस्कृत में - ashwattha stotram

पढ़ें अश्वत्थ स्तोत्र संस्कृत में – ashwattha stotram

पढ़ें अश्वत्थ स्तोत्र संस्कृत में – ashwattha stotram : गीता में भगवान कृष्ण ने अश्वत्थ वृक्ष के महत्व को बताते हुये कहा है कि वृक्षों में अश्वत्थ वृक्ष हूँ। सोमवती अमावास्या, शनिवार, विष्णु प्रतिमा विवाह आदि विशेष अवसरों पर अश्वत्थ वृक्ष की भी पूजा अर्चना का विशेष विधान है। पीपल को ही अश्वत्थ भी कहा जाता है।

Read More
पढ़ें अग्नि सहस्रनाम स्तोत्र स्तोत्र संस्कृत में - agni ashtak stotra

पढ़ें अग्नि सहस्रनाम स्तोत्र संस्कृत में – agni sahasranama stotram

पढ़ें अग्नि सहस्रनाम स्तोत्र संस्कृत में – agni sahasranama stotram : मैथिलों की एक विशेषता है कि वो पंचदेवता के नहीं षड्देवता के उपासक होते हैं किन्तु बहुत लोगों को यह भ्रम रहता है कि मिथिला भी पंचदेवोपासक है।

Read More