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भविष्यपुराणोक्त सत्यनारायण व्रत पूजा कथा – Satyanarayan Vrat Puja Katha

भविष्यपुराणोक्त सत्यनारायण व्रत पूजा कथा - Satyanarayan Vrat Puja Katha भविष्यपुराणोक्त सत्यनारायण व्रत पूजा कथा - Satyanarayan Vrat Puja Katha
सत्यनारायण पूजा मंडल
सत्यनारायण पूजा मंडल

अङ्गदेवता पूजन : एक थाली में या चौकी आदि पर अष्टदल बना कर सभी पर पान-सुपारी-नैवेद्य आदि देकर पूर्व दिशा से क्रमशः पूजा करें :

२१. सरस्वती : इदं अक्षतं ॐ भूर्भुवः स्वः श्रीसरस्वति इहागच्छ इह तिष्ठ। आवाहन करके सभी वस्तुओं से पूजा करें, पूजन मंत्र – ॐ भूर्भुवः स्वः श्रीसरस्वत्यै नमः॥ एतानि पाद्यार्घाचमनीयस्नानीय-पुनराचमनीयानि ०, इदमनुलेपनं ०, इदं सिन्दूराभरणं०, इदमक्षतं०, इदं पुष्पं०, एतानि गन्ध-पुष्प-धूप-दीप-ताम्बूल यथाभागं नैवेद्यं०, इदमाचमनीयं ०, इदं दक्षिणा-द्रव्यं०, एष पुष्पाञ्जलिः – ॐ भूर्भुवः स्वः श्रीसरस्वत्यै नमः॥

(२७. आठवें दल पर गौरीशंकर की पूजा सत्यनारायण भगवान की पूजा के बाद करें।)

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