भगवान विष्णु स्तुति संस्कृत में – bhagwan vishnu stuti

भगवान विष्णु स्तुति संस्कृत में - bhagwan vishnu stuti भगवान विष्णु स्तुति संस्कृत में - bhagwan vishnu stuti

भगवान विष्णु की स्तुति करने का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह भक्त और भगवान के बीच एक सीधा और भावनात्मक संबंध स्थापित करता है। स्तुति के माध्यम से भक्त अपनी श्रद्धा, प्रेम और भक्ति को व्यक्त करते हैं। यह हृदय को शुद्ध करता है और मन को शांति प्रदान करता है। विभिन्न पुराणों में भगवान विष्णु के अनेकानेक स्तुतियां (bhagwan vishnu stuti) मिलते हैं और उनमें से कुछ विशेष महत्वपूर्ण स्तुतियों का यहां संकलन किया गया है। यहां जो स्तुतियां संकलित की गयी है वो इस प्रकार है :

  1. गर्गसंहितोक्त विष्णु स्तुति
  2. मुचुकुन्द कृत भगवत महापुराणोक्त विष्णु स्तुति
  3. ब्रह्मा कृत भगवत महापुराणोक्त विष्णु स्तुति
  4. पराशर कृत विष्णु पुराणोक्त विष्णु स्तुति
  5. शौनक कृत नारद पुराणोक्त विष्णु स्तुति

मुचुकुन्द कृत भगवत महापुराणोक्त विष्णु स्तुति

ब्रह्मा कृत भगवत महापुराणोक्त विष्णु स्तुति

पराशर कृत विष्णु पुराणोक्त विष्णु स्तुति

शौनक कृत नारद पुराणोक्त विष्णु स्तुति

कर्मकांड विधि में शास्त्रोक्त प्रमाणों के साथ प्रामाणिक चर्चा की जाती है एवं कई महत्वपूर्ण विषयों की चर्चा पूर्व भी की जा चुकी है। तथापि सनातनद्रोही उचित तथ्य को जनसामान्य तक पहुंचने में अवरोध उत्पन्न करते हैं। एक बड़ा वैश्विक समूह है जो सनातन विरोध की बातों को प्रचारित करता है। गूगल भी उसी समूह का सहयोग करते पाया जा रहा है अतः जनसामान्य तक उचित बातों को जनसामान्य ही पहुंचा सकता है इसके लिये आपको भी अधिकतम लोगों से साझा करने की आवश्यकता है।

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