Headlines
सूर्य ग्रह शांति – surya shanti

सूर्य ग्रह शांति | surya shanti

सूर्य ग्रह शांति – रत्नादि धारण का तात्पर्य निर्बल ग्रह को बलयुक्त करना। अर्थात रत्नादि धारण करने का तात्पर्य अनिष्टफलों का निवारण करना नहीं होता है, तथापि किञ्चित लाभ अवश्य प्राप्त होता है।

Read More
नवग्रह शांति विधि

नवग्रह शांति पूजा विधि – navgrah shanti puja 2nd

नवग्रह शांति पूजा विधि – कोई भी ग्रह न तो सदा शुभ फल प्रदान करते हैं न ही सदा अशुभ फल प्रदान करते हैं अर्थात सभी ग्रहों के शुभाशुभ मिश्रित फल होते ही हैं। नवग्रह शांति का तात्पर्य किसी एक अशुभ ग्रह की शांति नहीं है, अपितु सभी ग्रहों की शांति है।

Read More
नवग्रह शांति उपाय – navagrah

नवग्रह शांति उपाय – navagrah : 1st

नवग्रह शांति उपाय – ग्रहाः राज्यं प्रयच्छन्ति ग्रहाः राज्यं हरन्ति च …. इस आलेख में नवग्रह शांति के विभिन्न उपायों पर प्रकाश डाला गया है और साथ-साथ नवग्रहों के वैदिक मंत्र, तांत्रिक मंत्र, नवग्रह स्तोत्र आदि दिया गया है। – navagrah

Read More
व्रात्य - Vraty

उपनयन संस्कार और व्रात्य

उपनयन संस्कार और व्रात्य, व्रात्य का अर्थ – ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तीनों वर्णों के लिये यज्ञोपवीत की एक सुनिश्चित अवधि है, व्रात्य का अर्थ होता है उस अवधि का अतिक्रमण हो जाना। निर्धारित अवधी व्यतीत हो जाने पर जिस व्यक्ति का उपनयन नहीं होता अथवा 10 संस्कारों का लोप हो जाता है उसे व्रात्य कहा जाता है ।

Read More
रजस्वला स्त्री का अर्थ | काल, नियम इत्यादि सम्पूर्ण जानकारी

रजस्वला स्त्री का अर्थ | काल, नियम इत्यादि सम्पूर्ण जानकारी

रजस्वला स्त्री का अर्थ | काल, नियम इत्यादि सम्पूर्ण जानकारी – रजस्वला के सन्दर्भ में कई प्रश्न आते हैं। इस आलेख में पौराणिक आख्यानों, शास्त्रोक्त प्रमाणों का आधार ग्रहण करते हुये रजस्वला के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुये रजस्वला स्त्री होने का क्या अर्थ है, रजस्वला स्त्री के लिये शास्त्रों में क्या-क्या नियम बताये गये हैं, क्या-क्या दोष कहा गया है, कालमान क्या होता है इत्यादि कई महत्वपूर्ण प्रश्नों का उत्तर भी दिया गया है।

Read More
उपनयन संस्कार मुहूर्त 2024

उपनयन संस्कार मुहूर्त 2024

उपनयन संस्कार मुहूर्त 2024 – उपनयन संस्कार मुहूर्त से मुख्य तात्पर्य उपनयन संस्कार ही होता है, किन्तु उपनयन संस्कार मुहूर्त में ही उपनयन के साथ मुंडन, वेदारम्भ और समावर्तन भी किये जाते हैं।

Read More
मुंडन संस्कार मुहूर्त 2024 – mundan muhurat

मुंडन संस्कार मुहूर्त 2024 – mundan muhurat

मुंडन संस्कार मुहूर्त 2024 –
8 जुलाई 2024, सोमवार, आषाढ़ शुक्ल तृतीया, नक्षत्र पुष्य 6:02 am तक।
12 जुलाई 2024, शुक्रवार, आषाढ़ शुक्ल (षष्ठी) सप्तमी में 12:32 pm से, नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी और हस्त दोनों प्रशस्त।

Read More
हेमाद्रि संकल्प प्रयोग – विस्तृत संकल्प

हेमाद्रि संकल्प प्रयोग – विस्तृत संकल्प (Sankalp 2)

हेमाद्रि संकल्प बृहद् होने के कारण सामान्यतः प्रयोग नहीं किया जाता है किन्तु, प्रयास करना चाहिये। इसमें भारत का विशद विवरण किया गया है और जो लोग भारत को किसी मुगल या आक्रमणकारी से जोड़कर सिद्ध करने का प्रयास करते हैं उनको इसका विशेष रूप से अध्ययन करना चाहये।

Read More
समावर्तन संस्कार – samavartan sanskar

समावर्तन संस्कार – samavartan sanskar

समावर्तन संस्कार – सामान्य जन एक ही दिन में उपनयन के उपरान्त प्रतीकात्मक रूप से वेदारम्भ और पारायणरहित ही समावर्तन करते हैं।

Read More
कैसे करते हैं वेदारम्भ संस्कार – vedarambh

कैसे करते हैं वेदारम्भ संस्कार – vedarambh

वेदारम्भ संस्कार – वेदाध्ययन का मूल स्वरूप गुरुकुल में आचार्य से दीक्षित होकर ब्रह्मचर्यधारण पूर्वक सभी नियमों का पालन करते हुये वेदाध्ययन करना है। सामान्य जनों की वेदाध्ययन से निवृत्ति हो गयी है।

Read More