
भूमि पूजन मुहूर्त 2024 – गृहारम्भ मुहूर्त
जब भी घर का निर्माण करना होता है तो निर्माण से पूर्व अनेकानेक विचार करके फिर गृहारंभ का मुहूर्त बनाया जाता है। मुहूर्त निर्धारण तो पंचांगकर्ता ज्योतिर्विद ही किया करते हैं और पंचांगों में अंकित करते हैं।
जब भी घर का निर्माण करना होता है तो निर्माण से पूर्व अनेकानेक विचार करके फिर गृहारंभ का मुहूर्त बनाया जाता है। मुहूर्त निर्धारण तो पंचांगकर्ता ज्योतिर्विद ही किया करते हैं और पंचांगों में अंकित करते हैं।
भूमि पूजन किस दिशा में करें – खात की दिशा कैसे ज्ञात करें : फाल्गुन, चैत्र, वैशाख – वायव्य कोण
ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण – नैऋत्यकोण
भाद्र, आश्विन, कार्तिक – अग्निकोण और
मार्ग, पौष, माघ – ईशानकोण में खात को प्रशस्त बताया जाता है।
भूमि पूजन विधि – गृहारंभ विधि पूजन मंत्र सहित : जब किसी नये घर का निर्माण आरंभ करते हैं तो उसके लिये जो पूजा की जाती है उसे गृहारंभ या भूमि पूजन कहा जाता है। गृहारंभ का सर्वप्रथम शुभ मुहूर्त बनवाया जाता है तत्पश्चात गृहारंभ सामग्रियां व्यवस्थित की जाती है फिर शुभ मुहूर्त में भूमि-वास्तु आदि पूजन करके गृहारंभ किया जाता है।
भूमि पूजन सामग्री अर्थात गृहारंभ पूजन सामग्री : आवास गृहस्थों की अनिवार्य आवश्यकता है। पैतृक आवास कितना भी सुदृढ़ हो उसमें दो पीढ़ी का निवास करना भी असंभव सा ही होता है। घर बनाने से पूर्व गृहारंभ की विशेष विधि बताई गयी है। इस आलेख में गृहारंभ सामग्रियों की सूची दी गई है।