विष्णु स्तवराज स्तोत्र संस्कृत में : Vishnu stavaraja stotram

विष्णु स्तवराज स्तोत्र संस्कृत में : Vishnu stavaraja stotram विष्णु स्तवराज स्तोत्र संस्कृत में : Vishnu stavaraja stotram

किसी भी देवता के अनेकानेक स्तवनों में जो विशेष महत्वपूर्ण स्तोत्र होता है उसे स्तवराज स्तोत्र कहा जाता है। भगवान विष्णु के स्तवराज की भी चर्चा करें तो अनेकों मिलते हैं। यहां दो प्रमुख विष्णु स्तवराज स्तोत्र (Vishnu stavaraja stotram) संस्कृत में दिये गये हैं प्रथम नरसिंह पुराणोक्त है जो नारद जी के प्रश्न करने पर महेश्वर द्वारा बताया गया और दूसरा कल्किपुराणोक्त है जो पद्मा कृत है।

कल्किपुराणोक्त विष्णु स्तवराज

कर्मकांड विधि में शास्त्रोक्त प्रमाणों के साथ प्रामाणिक चर्चा की जाती है एवं कई महत्वपूर्ण विषयों की चर्चा पूर्व भी की जा चुकी है। तथापि सनातनद्रोही उचित तथ्य को जनसामान्य तक पहुंचने में अवरोध उत्पन्न करते हैं। एक बड़ा वैश्विक समूह है जो सनातन विरोध की बातों को प्रचारित करता है। गूगल भी उसी समूह का सहयोग करते पाया जा रहा है अतः जनसामान्य तक उचित बातों को जनसामान्य ही पहुंचा सकता है इसके लिये आपको भी अधिकतम लोगों से साझा करने की आवश्यकता है।

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