संकल्प विधि और मंत्र – Sankalp

संकल्प विधि और मंत्र

संकल्प मंत्र

संकल्प करते समय मन को शान्त रखना चहिये एवं भाव करना चहिये कि इस कर्म के द्वारा इच्छित फ़ल कि प्राप्ति होगी। दाहिने हाथ में पान-सुपाड़ी-तिल-जल-चन्दन-फल-फूल-तुलसी-द्रव्य आदि लेकर बांयें हाथ से दाहिने हाथ की कलाई को पकड़ कर संकल्प करना चाहिए।

संकल्प मंत्र
संकल्प मंत्र संस्कृत

लघु संकल्प मंत्र

सरल संकल्प मंत्र

सरल संकल्प मंत्र
सरल संकल्प मंत्र

(१ संवत्सर का नाम, २ महीने का नाम, ३ पक्ष का नाम, ४ तिथि का नाम, ५ दिन का नाम, ६ अपने गोत्र का नाम, ७ ब्राह्मण शर्माऽहं, क्षत्रिय वर्माऽहं, वैश्य गुप्तोऽहं और शूद्र दासोऽहं कहें, ८ जो कर्म पूजा/जपादि करना हो उसका उच्चारण करे।)

यदि और दृढ़ या बृहद् संकल्प करना हो तो आगे बृहद् संकल्प भी दिया गया है। यदि स्वयं संकल्प करना हो तो सरल संकल्पादि का ही ग्रहण करे क्योंकि बृहद् संकल्प में त्रुटि आदि होने की संभावना होगी। ब्राह्मण जब संकल्प करा रहे हों तो बृहद् संकल्प भी विवेकानुसार कराते हैं।

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