पढ़ें बृहस्पतिकृत अग्नि स्तवन संस्कृत में – agni stotram
पढ़ें बृहस्पतिकृत अग्नि स्तवन संस्कृत में – agni stotram : अग्नि देव को हव्यवाहन कहा जाता है अर्थात यज्ञ में जो हवि प्रदान की जाती है वह अग्नि में ही दी जाती है एवं देवताओं तक अग्निदेव ही पहुंचाते हैं।