यहां पढ़ें मां मातंगी कवच स्तोत्र संस्कृत में – matangi kavach
यहां पढ़ें मां मातंगी कवच स्तोत्र संस्कृत में – matangi kavach : यहां रुद्रयामलोक्त मातंगी कवच सहित दो अन्य मातंगी कवच (matangi kavach) भी संस्कृत में दिया गया है।
यहां पढ़ें मां मातंगी कवच स्तोत्र संस्कृत में – matangi kavach : यहां रुद्रयामलोक्त मातंगी कवच सहित दो अन्य मातंगी कवच (matangi kavach) भी संस्कृत में दिया गया है।
यहां पढ़ें मां मातंगी स्तोत्र संस्कृत में – matangi stotra : दशमहाविद्या में नौवीं महाविद्या मातंगी नाम से जानी जाती हैं। शिव की यह शक्ति असुरों को मोहित करने वाली और साधकों को अभिष्ट फल देने वाली है। गृहस्थ जीवन को श्रेष्ठ-सुख-शांति युक्त बनाने के लिए लोग इनकी पूजा करते हैं। इनकी जयंती अक्षय तृतीया को मनायी जाती है।
यहां पढ़ें मां बगलामुखी ब्रह्मास्त्र संस्कृत में – Baglamukhi Brahmastra : माता बगलामुखी ब्रह्मास्त्र माला मन्त्र का विशेष महत्त्व होता है। यहां बगलामुखी ब्रह्मास्त्र (Baglamukhi Brahmastra) संस्कृत में दिया गया है।
यहां पढ़ें शत्रु नाशक बगलामुखी कवच स्तोत्र संस्कृत में – baglamukhi shatru nashak kavach : मां बगलामुखी के अनेकों कवच स्तोत्र हैं जिनमें से तीन कवच स्तोत्र पूर्व प्रकाशित है। मां बगलामुखी की उपासना मुख्य रूप से शत्रु पर विजय प्राप्ति की कामना से की जाती है और इसमें शत्रु विनाशक कवच स्तोत्र का पाठ बहुत ही लाभकारक होता है।
यहां पढ़ें मां बगलामुखी हृदय स्तोत्र संस्कृत में – baglamukhi hridaya stotra : पीताम्बराविद्या के नाम विख्यात बगलामुखी महाविद्या की साधना प्रायः शत्रुभय से मुक्ति और वाकसिद्धि के लिये की जाती है। इनकी उपासना में हल्दी की माला, पीले फूल और पीले वस्त्रों का विधान बताया गया है। मां बगलामुखी भक्तों जिसके लिए जो उनकी पूजा-अराधना आदि करता है, उनके शरण में जाता है उसे निर्भयता प्रदान करती हैं। विजय कामना से अनेकों देवी-देवताओं की उपासना की जा सकती हैं किन्तु बगलामुखी की उपासना विशेष फलकारक होती है।
यहां पढ़ें त्रिपुर भैरवी अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र संस्कृत में – Tripura Bhairavi Ashtottar shatnam stotra : दस महाविद्या में पांचवां क्रम माँ भैरवी का आता है जिन्हें त्रिपुर भैरवी के नाम से भी जाना जाता है। इस आलेख में त्रिपुर भैरवी अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र ~ Tripura Bhairavi Ashtottar shatnam stotra संस्कृत में दिया गया है।
यहां पढ़ें मां बगलामुखी कवच स्तोत्र संस्कृत में – maa baglamukhi kavach : यहां सर्वप्रथम रुद्रयामलतन्त्रोक्त बगलामुखी कवच स्तोत्र तदनंतर विश्वसारोद्धारतन्त्रोक्त बगलामुखी कवच स्तोत्र पुनः रुद्रयामलोक्त महाविद्यापीताम्बरा बगलामुखी कवच स्तोत्र दिया गया है। सभी स्तोत्र संस्कृत में हैं।
यहां पढ़ें मां बगलामुखी सहस्रनाम स्तोत्र संस्कृत में – Baglamukhi Sahasranam Stotra : दस महाविद्याओं में से आठवीं महाविद्या माता बगलामुखी अपने भक्तों को समस्त भय से मुक्ति देती हैं। यहां बगलामुखी सहस्रनाम स्तोत्र (Baglamukhi Sahasranam Stotra) संस्कृत में दिया गया है।
यहां पढ़ें बगलामुखी अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र संस्कृत में – baglamukhi ashtottar shatnam stotram : यहां सर्वप्रथम रुद्रयामलोक्त सर्वसिद्धिप्रद बगलाष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र तदनंतर विष्णुयामलोक्त बगलाष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र, श्रीकालीविलासतन्त्रोक्त बगलामुखी अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र दिया गया है। सभी स्तोत्र संस्कृत में हैं।
नवरात्रि कब है – navratri kab hai 2025 : वर्ष में चार नवरात्रायें होती हैं जो आश्विन, माघ, चैत्र और आषाढ मासों के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी दिन तक का होता है। इस आलेख में नवरात्रा 2025 के विषय में पूरी जानकारी दी गयी है, इसके साथ ही नवरात्रा के महत्व, नवरात्रा व्रत के नियम, नवरात्रा की कथा आदि के बारे में भी चर्चा की गयी है।