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अध्यात्म रामयणोक्त राम गीता संस्कृत में - ram geeta

अध्यात्म रामयणोक्त राम गीता संस्कृत में – ram geeta

अध्यात्म रामयणोक्त राम गीता संस्कृत में – ram geeta : मूल गीता भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया उपदेश ही है किन्तु इसके साथ ही अन्य देवों द्वारा किये विशेष उपदेश भी उनकी गीता के नाम से जानी जाती है जिसमें से एक राम गीता भी है।

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माङ्गल्यस्तव : मंगलकारी विष्णु स्तोत्र - shubhad vishnu stotra

माङ्गल्यस्तव : मंगलकारी विष्णु स्तोत्र – shubhad vishnu stotra

माङ्गल्यस्तव : मंगलकारी विष्णु स्तोत्र – shubhad vishnu stotra : दाल्भ्य ऋषि ने पुलस्त्य ऋषि से प्रश्न सभी प्रकार से मंगलकारी और दुःस्वप्नन नाशक, अरिष्टनिवारक स्तोत्र के बारे में पूछा तो पुलस्त्य ऋषि ने माङ्गल्यस्तव का वर्णन किया और फलश्रुति में सभी प्रकार से मंगलकारी और दुःस्वप्नन नाशक आदि भी बताया।

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कल्याणकारी मंगल स्तोत्र अथवा मनोरथाष्टकम् - kalyankari mangal stotra

कल्याणकारी मंगल स्तोत्र अथवा मनोरथाष्टकम् – kalyankari mangal stotra

कल्याणकारी मंगल स्तोत्र अथवा मनोरथाष्टकम् – kalyankari mangal stotra : प्रातः स्मरणीय मंगल श्लोकों के बारे में तो लोग जानते ही हैं किन्तु इसके अतिरिक्त भी अनेकों कल्याणकारी मंगल स्तोत्र हैं जिनमें से एक प्रमुख स्तोत्र है व्यासकृत मंगल स्तोत्र (mangal stotra) जिसे मनोरथाष्टक भी कहा जाता है अर्थात यह स्तोत्र मनोरथ सिद्ध करने वाला है।

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पढ़ें अश्वत्थ स्तोत्र संस्कृत में - ashwattha stotram

पढ़ें अश्वत्थ स्तोत्र संस्कृत में – ashwattha stotram

पढ़ें अश्वत्थ स्तोत्र संस्कृत में – ashwattha stotram : गीता में भगवान कृष्ण ने अश्वत्थ वृक्ष के महत्व को बताते हुये कहा है कि वृक्षों में अश्वत्थ वृक्ष हूँ। सोमवती अमावास्या, शनिवार, विष्णु प्रतिमा विवाह आदि विशेष अवसरों पर अश्वत्थ वृक्ष की भी पूजा अर्चना का विशेष विधान है। पीपल को ही अश्वत्थ भी कहा जाता है।

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पढ़ें अग्नि सहस्रनाम स्तोत्र स्तोत्र संस्कृत में - agni ashtak stotra

पढ़ें अग्नि सहस्रनाम स्तोत्र संस्कृत में – agni sahasranama stotram

पढ़ें अग्नि सहस्रनाम स्तोत्र संस्कृत में – agni sahasranama stotram : मैथिलों की एक विशेषता है कि वो पंचदेवता के नहीं षड्देवता के उपासक होते हैं किन्तु बहुत लोगों को यह भ्रम रहता है कि मिथिला भी पंचदेवोपासक है।

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पढ़ें अग्नि अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र संस्कृत में - agni ashtottara shatanamavali

पढ़ें अग्नि अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र संस्कृत में – agni ashtottara shatanamavali

पढ़ें अग्नि अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र संस्कृत में – agni ashtottara shatanamavali : षड्देवता में अग्नि भी आते हैं और अग्नि की उपासना अन्य देवोपासकों को भी करनी ही होती है। किसी भी देवता के उपासक हो हवन में अग्नि की उपासना करनी ही होती है। वैसे अग्नि उपासकों का एक विशेष वर्ग भी होते हैं जो अग्निहोत्री कहलाते हैं और साग्निक नाम से जाने जाते हैं एवं शास्त्रों में अग्निहोत्रियों का विशेष महत्व बताया गया है। सामान्य लोगों की तुलना में अग्निहोत्रियों के लिये भिन्न विधान भी होता है।

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पढ़ें अग्नि अष्टक अर्थात वह्न्यष्टक स्तोत्र संस्कृत में - agni ashtak stotra

पढ़ें अग्नि अष्टक अर्थात वह्न्यष्टक स्तोत्र संस्कृत में – agni ashtak stotra

पढ़ें अग्नि अष्टक अर्थात वह्न्यष्टक स्तोत्र संस्कृत में – agni ashtak stotra : हम क्रमशः अग्नि स्तोत्रों का अवलोकन कर रहे हैं जो कि बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं और अब हमें अग्नि के अष्टक स्तोत्र का भी अवलोकन करना चाहिये। सभी देवताओं के अष्टक स्तोत्र होते हैं और अग्नि के भी अष्टक स्तोत्र हैं जो सीताकृत है और कूर्मपुराण में वर्णित है।

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पढ़ें अग्नि स्तोत्र संस्कृत में - agni stotra

पढ़ें अग्नि स्तोत्र संस्कृत में – agni stotra

पढ़ें अग्नि स्तोत्र संस्कृत में – agni stotra : जल ही जीवन कहा जाता है किन्तु अग्नि भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं यह सरलता से समझ में नहीं आता है। ऐसा लगता है जैसे यज्ञादि करने में अथवा भोजन निर्माण आदि में ही अग्नि की आवश्यकता होती है। किन्तु सच यह है कि हम जो भोजन करते हैं उसका पाचन भी भी अग्नि ही करते हैं जिन्हें जठराग्नि नाम से जाना जाता है। कुपित अथवा क्षुधित अग्नि प्रलयंकर भी हो सकते हैं और इसलिये यह आवश्यक है कि अग्नि को प्रसन्न रखा जाय और क्षुधित न होने दिया जाय।

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पढ़ें अग्नि स्तुति संस्कृत में - agni stuti

पढ़ें अग्नि स्तुति संस्कृत में – agni stuti

पढ़ें अग्नि स्तुति संस्कृत में – agni stuti : यज्ञ-हवन व अनेक अवसरों पर आपको जब अग्नि स्तुति की आवश्यकता होती है तो सामान्य रूप से ढूंढने पर नहीं मिलती, किन्तु अनेकानेक ऐसे अवसर होते हैं जब यदि उपलब्ध होती तो अग्नि की स्तुति करते। अब आपके लिये अग्नि स्तुति उपलब्ध है और जब आवश्यकता हो कर सकते हैं।

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