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महाशिवरात्रि पूजन सामग्री लिस्ट

महाशिवरात्रि पूजन सामग्री लिस्ट

महाशिवरात्रि पूजन सामग्री लिस्ट

महाशिवरात्रि पूजन सामग्री

  • दीप – 11 (अथवा 5), नारियल (पानी वाला) – 1, रक्षासूत्र -1 , पीली सरसों – 1 पुड़िया ।
  • अरबा चावल – 500 ग्राम, तिल – 50 ग्राम, जौ – 50 ग्राम ।
  • चंदन – 1, कुंकुम – 1, सिंदूर – 1, भस्म – 1, केसर ।
  • बत्ती – 11, धूप – 100 ग्राम, सलाई – 1, कपूर – 25 ग्राम ।
  • घी – 500 ग्राम, शक्कड़ – 500 ग्राम, मधु – 200 ग्राम, दूध – पञ्चामृत और अभिषेक के अनुसार, दही – 1 किलो ।
  • सर्वौषधि – 2 पुड़िया ।
  • पान – 15, सुपारी – 15, लौंग, इलायची ।
  • वस्त्र – धोती, गमछा भगवान को चढाने व ब्राह्मण वरण हेतु, साड़ी, साया, ब्लॉज पीस, चुनड़ी आदि पार्वती जी के लिये ।
  • शृंगार सामग्री – ऐना, कंघी, अलता, पैररंगा, केशपिन, बिंदी, मेंहदी, काजल, गुलाब जल, सुगन्धित तेल, इत्र (स्प्रे), लहठी इत्यादि ।
  • आभूषण (यथासंभव)
  • पाग (भगवान शिव के लिये)
  • पीला कपड़ा, उजला कपड़ा आवश्यकतानुसार ।
  • जनेउ – 3 अथवा मंदिर देवता की संख्या के अनुसार ।
  • गुलाब जल, ठंडा तेल, इत्र (स्प्रे) ।
  • अबीर – गुलाल, अबरख बुक्का ।
  • नैवेद्य – यथासंभव : पञ्चमेवा – (शुद्ध पञ्चमेवा) 500 ग्राम, मिसरी – 500 ग्राम, मिठाई, पकमान, पुआ, खीर, हलुवा, चूड़मा, केला एवं अन्य फल।
  • आसन – स्वयं एवं ब्राह्मण के लिये शुद्ध आसन।
  • भांग का गोला – पीसा हुआ।
  • गंगा जल,
  • दान सामग्री – यथा संभव।

दो विशेष महत्वपूर्ण सामग्री जो शिव को विशेष प्रिय है : गङ्गाजल और बेलपत्र।

गङ्गाजल

महाशिवरात्रि पूजन सामग्री
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महाशिवरात्रि पूजन सामग्री लिस्ट
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  • जब शिवालय में पूजा करनी हो तो कलश स्थापन की आवश्यकता नहीं होती इसलिये कलश स्थापन सामग्री में संकलित नहीं किया गया है।
  • यदि घर में पूजा करनी हो तो कलश स्थापन सामग्री की भी आवश्यकता होगी।
  • यदि स्वयं पूजा करनी हो तो जिस प्रकार की पूजा विधि ज्ञात हो उतने ही पूजा सामग्री लेना उचित होगा।

कर्मकांड विधि में शास्त्रोक्त प्रमाणों के साथ प्रामाणिक चर्चा की जाती है एवं कई महत्वपूर्ण विषयों की चर्चा पूर्व भी की जा चुकी है। तथापि सनातनद्रोही उचित तथ्य को जनसामान्य तक पहुंचने में अवरोध उत्पन्न करते हैं। एक बड़ा वैश्विक समूह है जो सनातन विरोध की बातों को प्रचारित करता है। गूगल भी उसी समूह का सहयोग करते पाया जा रहा है अतः जनसामान्य तक उचित बातों को जनसामान्य ही पहुंचा सकता है इसके लिये आपको भी अधिकतम लोगों से साझा करने की आवश्यकता है।

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