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मूल शांति पूजन सामग्री – Mool Shanti Puja Samagri

मूल शांति पूजन सामग्री - Mool Shanti Puja Samagri

सत्ताईस (२८) नक्षत्रों में से ६ नक्षत्रों में जन्म होना दोषप्रद बताया गया है; वो 6 नक्षत्र हैं अश्विनी, ज्येष्ठा, मघा, आश्लेषा, मूल और रेवती। इन नक्षत्रों के संक्रमण में राशियों का भी संक्रमण होता है और कुछ विशेष कालखंड अधिक दोषप्रद होता है जिसे नक्षत्र गण्डान्त कहा जाता है। इसके साथ ही गंडमूल भी कहा जाता है एवं इन सबमें मूल में जन्म सर्वाधिक दोषद है। मूल शांति विधि पूर्व आलेख में प्रकाशित की जा चुकी है और मूल शांति हेतु जिन सामग्रियों की आवश्यकता होती है उसकी जानकारी नीचे दी गयी है।

तीन प्रकार के गण्डान्त में से एक है नक्षत्र गण्डान्त। नक्षत्र गण्डान्त में यद्यपि 6 नक्षत्र आते हैं किन्तु इन सबमें सबसे अधिक अशुभ मूल नक्षत्र होता है इसी कारण इसे गंडमूल भी कहा जाता है।

मूल शांति पूजन सामग्री pdf

यदि आप मूल शांति विधि देखना चाहें तो यहां दिये गये लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं।

मूल शांति पूजन सामग्री pdf को डाउनलोड करने में प्रथम बार समस्या आ सकती है और 6 – 12 घंटे पश्चात् दुबारा डाउनलोड करने पर डाउनलोड होता है।

आगे मूल शांति पूजा सामग्री के पीडीऍफ़ डाउनलोड करने की है तो यहां क्लिक करके मूल शांति पूजन सामग्री pdf को डाउनलोड कर सकते हैं।

अथवा यदि आप ईमेल कर सकें तो सीधे ईमेल पर ही pdf प्राप्त कर सकते हैं। हमारा ईमेल है : info@karmkandvidhi.in

कर्मकांड विधि में शास्त्रोक्त प्रमाणों के साथ प्रामाणिक चर्चा की जाती है एवं कई महत्वपूर्ण विषयों की चर्चा पूर्व भी की जा चुकी है। तथापि सनातनद्रोही उचित तथ्य को जनसामान्य तक पहुंचने में अवरोध उत्पन्न करते हैं। एक बड़ा वैश्विक समूह है जो सनातन विरोध की बातों को प्रचारित करता है। गूगल भी उसी समूह का सहयोग करते पाया जा रहा है अतः जनसामान्य तक उचित बातों को जनसामान्य ही पहुंचा सकता है इसके लिये आपको भी अधिकतम लोगों से साझा करने की आवश्यकता है।

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