Headlines

संपूर्ण कर्मकांड विधि

संपूर्ण कर्मकांड विधि

यहां पढें रुद्र गीता संस्कृत में - rudra gita

यहां पढें रुद्र गीता संस्कृत में – rudra gita

यहां पढें रुद्र गीता संस्कृत में – rudra gita : श्रीमद्भगवगीता के बारे में तो सभी जानते हैं किन्तु रुद्रगीता के बारे में नहीं जानते। वराहपुराण में १९ अध्याय के रूप में रुद्रगीता पायी जाती है। यहां रुद्र गीता (rudra gita) संस्कृत में दी गयी है।

Read More
यहां पढ़ें महत्वपूर्ण शिव स्तवन संस्कृत में - shiv stavan

यहां पढ़ें महत्वपूर्ण शिव स्तवन संस्कृत में – shiv stavan

यहां पढ़ें महत्वपूर्ण शिव स्तवन संस्कृत में – shiv stavan : भगवान शिव के स्तोत्रों में शिव स्तवराज स्तोत्र का बहुत ही उत्तम स्थान है और इसमें अनेकों प्रकार के फल भी बताये गए हैं। यह स्तोत्र पापों का क्षय करता है, सायुज्य मुक्ति प्रदायक है, सभी प्रकार के रोगों का हरण करने वाला है। शिव स्तवराज स्तोत्र पाठ पूर्वक शिव की उपासना करने वालों के करोड़ों जन्मों के पापों का नाश हो जाता है।

Read More
यहां पढ़ें शिव सहस्रनाम स्तोत्र संस्कृत में - shiv sahasranam stotra

यहां पढ़ें शिव सहस्रनाम स्तोत्र संस्कृत में – shiv sahasranam stotra

यहां पढ़ें शिव सहस्रनाम स्तोत्र संस्कृत में – shiv sahasranam stotra : भगवान शिव के सहस्रनाम स्तोत्र की बात करें तो अनेकों पुराणों में वर्णित है। शिव उपासना में सहयोगार्थ यहां प्रमुख शिव सहस्रनाम स्तोत्र संस्कृत में – (shiv sahasranam stotra) शिव पुराणोक्त शिव सहस्रनाम स्तोत्र, वायु पुराणोक्त शिव सहस्रनाम स्तोत्र, महाभारतोक्त शिव सहस्रनाम स्तोत्र, स्कन्द पुराणोक्त शिव सहस्रनाम स्तोत्र संस्कृत में दिये गये हैं।

Read More
यहां पढ़ें शिव अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र संस्कृत में - shiv ashtottar shatnam stotra

यहां पढ़ें शिव अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र संस्कृत में – shiv ashtottar shatnam stotra

यहां पढ़ें शिव अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र संस्कृत में – shiv ashtottar shatnam stotra : शिवरहस्योक्त शिव अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र, स्कन्द पुराणोक्त शिव अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र, मयूरकृत शिव अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र संस्कृत में दिये गये हैं।

Read More
यहां पढ़ें 3 शिव कवच स्तोत्र संस्कृत में - shiv kavach stotra

यहां पढ़ें 3 शिव कवच स्तोत्र संस्कृत में – shiv kavach stotra

यहां पढ़ें 3 शिव कवच स्तोत्र संस्कृत में – shiv kavach stotra : विभिन्न पुराणों में भगवान शिव के अनेकों कवच मिलते हैं यथा अमोघ शिव कवच, ब्रह्माण्डविजयी शिव कवच। शिव उपासना में सहयोगार्थ यहां ३ प्रमुख शिव कवच स्तोत्र (shiv kavach stotra) स्कन्द पुराणोक्त अमोघ शिव कवच, शिवरहस्योक्त दधीचिकृत शिव कवच, ब्रह्मवैवर्त पुराणोक्त ब्रह्माण्डविजयी नामक शिव कवच संस्कृत में दिये गये हैं।

Read More
यहां पढ़ें 11 महत्वपूर्ण शिव स्तोत्र संस्कृत में - shiv stotra

यहां पढ़ें 11 महत्वपूर्ण शिव स्तोत्र संस्कृत में – shiv stotra

यहां पढ़ें 11 महत्वपूर्ण शिव स्तोत्र संस्कृत में – shiv stotra : यहां प्रमुख ग्यारह शिव स्तोत्र जो दिये गए हैं वो हैं : स्कन्दपुराणोक्त विष्णु कृत शिव स्तोत्र, ब्रह्मपुराणोक्त कश्यप कृत शिव स्तोत्र, शिवरहस्योक्त दधीचि कृत शिव स्तोत्र, ब्रह्मपुराणोक्त गौतम कृत शिव स्तोत्र, कूर्मपुराणोक्त श्रीकृष्ण कृत शिव स्तोत्र, “जय जय शम्भो गिरिजाबन्धो” शिव स्तोत्र, ब्रह्मपुराणोक्त दक्ष कृत शिव स्तोत्र, मत्स्यपुराणोक्त देवदानव कृत शिव स्तोत्र, वामनपुराणोक्त देवादि कृत शिव स्तोत्र, लिङ्गपुराणोक्त देवादि कृत शिव स्तोत्र, ब्रह्मपुराणोक्त कश्यप कृत शिव स्तोत्र । सभी स्तोत्र संस्कृत में हैं।

Read More
यहां पढ़ें 11 महत्वपूर्ण शिव स्तुति संस्कृत में - shiv stuti

यहां पढ़ें 11 महत्वपूर्ण शिव स्तुति संस्कृत में – shiv stuti

यहां पढ़ें 11 महत्वपूर्ण शिव स्तुति संस्कृत में – shiv stuti : यहां प्रमुख ग्यारह शिव स्तुति जो दिये गए हैं वो हैं : सौरपुराणोक्त कुबेर कृत शिव स्तुति, बृहद्धर्मपुराणोक्त प्रसूति (दक्षपत्नी) कृत शिव स्तुति, वराहपुराणोक्त देव कृत शिव स्तुति, नटराजाष्टकं, ब्रह्माण्डपुराणोक्त परशुराम कृत शिव स्तुति, शिवरहस्योक्त पार्वती कृत शिव स्तुति, कालिकापुराणोक्त ब्रह्मा कृत शिव स्तुति, शिवरहस्योक्त भगीरथ कृत शिव स्तुति, शिवरहस्योक्त मृकुण्डु कृत शिव स्तुति, शिवरहस्योक्त विष्णु कृत शिव स्तुति और शिवरहस्योक्त शिलाद कृत शिव स्तुति। सभी स्तुति संस्कृत में हैं।

Read More
यहां पढ़ें महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र संस्कृत में - mahishasura mardini stotram

यहां पढ़ें महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र संस्कृत में – mahishasura mardini stotram

यहां पढ़ें महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र संस्कृत में – mahishasura mardini stotram : महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र : “जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते”; एक बहुत ही प्रसिद्ध स्तोत्र है जो माता दुर्गा अथवा भगवती के किसी भी रूप की पूजा-अराधना करते समय गाया जाता है। यह शंकराचार्य विरचित बताया जाता है और इसमें २१ पद हैं एवं बाईसवां पद फलश्रुति है।

Read More
यहां पढ़ें चामुण्डा स्तोत्र संस्कृत में - chamunda devi stotra

यहां पढ़ें चामुण्डा स्तोत्र संस्कृत में – chamunda devi stotra

यहां पढ़ें चामुण्डा स्तोत्र संस्कृत में – chamunda devi stotra : यहां सर्वप्रथम पद्मपुराणोक्त चामुण्डा स्तुतिः दिया गया है जो रुद्रकृत है। तदनंतर द्वितीय चामुंडा स्तोत्र स्कन्द पुराण से दिया गया है जो गरुड द्वारा किया गया है एवं तृतीत चामुंडा स्तोत्र भी स्कन्द पुराण से ही है जो राजा नल द्वारा किया गया है। सभी स्तोत्र संस्कृत में हैं।

Read More