कर्मकांड सीखना अनिवार्य क्यों ?
कर्मकाण्ड सीखना सबके लिए अनिवार्य क्यों? यजमान के कर्माधिकार, स्वेच्छाचारी पुरोहितों के भ्रम निवारण और कलश स्थापन की शुद्ध शास्त्रीय विधि पर महत्पूर्ण प्रामाणिक विमर्श।
कर्मकाण्ड सीखना सबके लिए अनिवार्य क्यों? यजमान के कर्माधिकार, स्वेच्छाचारी पुरोहितों के भ्रम निवारण और कलश स्थापन की शुद्ध शास्त्रीय विधि पर महत्पूर्ण प्रामाणिक विमर्श।
कर्मकांड क्या है – Karmkand kya hai : कर्मकांड से पहले ‘कर्म’ और ‘कांड’ को समझना जरूरी है। कर्म जीवन में हमारे द्वारा किए गए सभी कार्य हैं, जो अनेक दृष्टीकोणों से विश्लेषित किए जा सकते हैं। ‘कांड’ हमारे द्वारा किए गए कार्यों के खंड, भाग या घटना होते हैं। ‘कर्मकांड’ में, ‘कर्म’ अध्यात्मिकता का एक खंड होता है और इस खंड के विधान को ‘कर्मकांड’ कहते हैं। इसका उद्देश्य लौकिक और पारलौकिक सुख की प्राप्ति का मार्ग प्रदान करना है।