संध्यावंदन प्रयोग
सदाचार और त्रिकाल सन्ध्यावन्दन के सूक्ष्म शास्त्रीय मर्म को उद्घाटित करता हुआ एक शोधपरक विमर्श वर्तमान युग की वैचारिक शिथिलता पर एक परम आवश्यक प्रहार है।
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कन्यादान की शास्त्रीय विधि और अधिकारी का पूर्ण विश्लेषण। क्या माता या मामा कन्यादान कर सकते हैं? रजस्वला कन्या (वृषली) दान का दोष और निवारण। विवाह संस्कार में होने वाली आधुनिक विसंगतियों पर शास्त्रों का प्रामाणिक उत्तर।
“क्या कर्मकांड में बढ़ती अशुद्धता से आप चिंतित हैं? जानें कैसे ‘जिज्ञासा’ और ‘शास्त्रीय प्रश्नों’ के माध्यम से आप अपने पुरोहित को शास्त्रोन्मुख कर सकते हैं। कर्मकांड में सुधार, सामग्री की शुद्धि और योग्य कर्मकांडी की पहचान पर एक विस्तृत मार्गदर्शिका।