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संपूर्ण कर्मकांड विधि

संपूर्ण कर्मकांड विधि

स्वाधीनता शताब्दी पूर्व ही भारत में गृहयुद्ध कैसे आरम्भ हो गया ?

स्वाधीनता शताब्दी पूर्व ही भारत में गृहयुद्ध कैसे आरम्भ हो गया ?

क्या भारत में गृहयुद्ध आरम्भ हो चुका है? UGC रेगुलेशन, सवर्णों का संवैधानिक उत्पीड़न और ‘लोकतांत्रिक गृहयुद्ध’ के अदृश्य स्वरूप का गहन विश्लेषण। जानिए कैसे स्वाधीनता की शताब्दी से पूर्व ही भारत एक बड़े हिंसक संघर्ष की ओर बढ़ रहा है।

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संसर्गान्नश्यति तेजः - स्मृतियों और पुराणों के आलोक में संसर्ग दोष एवं कलिकाल के नियम

संसर्गान्नश्यति तेजः – स्मृतियों और पुराणों के आलोक में संसर्ग दोष एवं कलिकाल के नियम

संसर्ग दोष क्या है? जानें मनु, पराशर और देवल स्मृतियों के प्रमाणों के साथ कि कैसे बातचीत, स्पर्श और सह-भोजन से पाप संक्रमित होता है। कलियुग के विशेष नियम ‘कलौ पतति कर्मणा’ पर विस्तृत शास्त्रीय आलेख।

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क्या स्वतंत्रता असीमित है ?

क्या स्वतंत्रता असीमित है ?

“क्या संविधान प्रदत्त स्वतंत्रता असीमित है? जानें— स्वतंत्रता और स्वेच्छाचारिता के बीच का सूक्ष्म अंतर, और कैसे व्यापार जगत व राजनीति मिलकर भारतीय परिवार तंत्र को नष्ट कर रहे हैं। ‘माय बॉडी माय च्वाइस’ के नारों के पीछे छिपे उपभोक्तावाद और वर्णसंकरता के षड्यंत्र पर एक तीक्ष्ण विश्लेषण।”

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देश, काल, परिस्थिति, मिथिला व्यवहार, देशाचार, लोकाचार, कुलाचार आदि के दुरुपयोग

देश, काल, परिस्थिति, मिथिला व्यवहार, देशाचार, लोकाचार, कुलाचार आदि के दुरुपयोग

“क्या ‘देश-काल-परिस्थिति’ के नाम पर आप भी शास्त्र विरुद्ध कर्म कर रहे हैं? जानें— लोकाचार, कुलाचार और देशाचार का वास्तविक शास्त्रीय अर्थ क्या है और कैसे अज्ञानी लोग इनका दुरुपयोग कर रहे हैं। मनुस्मृति, भविष्य पुराण और याज्ञवल्क्य स्मृति के प्रमाणों के साथ एक तीक्ष्ण विश्लेषण।”

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यथानामगोत्रायब्राह्मणाय का रहस्य : पुरोहित अपने नाम और गोत्र का उच्चारण करके दान-दक्षिणा क्यों नहीं लेते ?

यथानामगोत्रायब्राह्मणाय का रहस्य : पुरोहित अपने नाम और गोत्र का उच्चारण करके दान-दक्षिणा क्यों नहीं लेते ?

“मिथिला के पुरोहित अपने नाम-गोत्र का उच्चारण क्यों नहीं करते? जानें ‘यथानामगोत्राय ब्राह्मणाय’ के प्रयोग के पीछे का शास्त्रीय रहस्य। प्रतिग्रह दोष, ब्राह्मण की पात्रता और दर्भबटु (कुश ब्राह्मण) के विकल्प पर एक प्रमाणिक शोधपूर्ण आलेख।”

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श्राद्ध में पुरोहित को भी दान क्यों किया जाता है ?

श्राद्ध में पुरोहित को भी दान क्यों किया जाता है ?

“श्राद्ध में पुरोहित को दान देने का रहस्य क्या है? गरुड़पुराण के प्रमाणों के साथ जानें— महापात्र और पुरोहित के दान में अंतर, और सामान्योत्सर्ग के लिए एकादशाह बनाम द्वादशाह का सटीक निर्णय। कर्मकाण्ड के गूढ़ प्रश्नों पर एक शास्त्रीय विश्लेषण।”

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अशौच विधान - प्रमाण संकलन

अशौच विधान – प्रमाण संकलन

जनन-मरण अशौच (सूतक-पातक) पर आधारित विस्तृत शास्त्र प्रमाण संकलन। मनुस्मृति, पराशर स्मृति और विभिन्न पुराणों के मूल श्लोकों के साथ जानें—किस वर्ण के लिए कितने दिन का अशौच है और किन परिस्थितियों में सद्य:शौच (तत्काल शुद्धि) का विधान है।

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ब्राह्मण माहात्म्य

ब्राह्मण माहात्म्य

धर्म और ब्राह्मण के अटूट संबंध पर आधारित एक शोधपूर्ण आलेख। महाभारत, स्कंद पुराण और विभिन्न स्मृतियों के प्रमाणों के साथ जानें ब्राह्मण माहात्म्य, वर्तमान व्यवस्था में ब्राह्मणों की स्थिति और धर्म रक्षा में उनकी भूमिका।

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कर्मकाण्ड में ग्राह्यग्राह्य ब्राह्मण अर्थात पात्रापात्र विचार - प्रमाण संकलन

कर्मकाण्ड में ग्राह्याग्राह्य ब्राह्मण अर्थात पात्रापात्र विचार – प्रमाण संकलन

धर्म/कर्मकांड में किस ब्राह्मण को ‘पात्र’ माना गया है और किसे ‘अपात्र’? मनुस्मृति, स्कंदपुराण और अत्रि स्मृति के प्रमाणों के साथ ‘योग्यायोग्य ब्राह्मण’ विचार। जानिए वर्तमान युग में शास्त्रोक्त ब्राह्मण के अभाव में क्या है परिहार की विधि।

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शुद्धिकरण अर्थात पवित्रीकरण के प्रमाण

शुद्धिकरण अर्थात पवित्रीकरण के प्रमाण

कर्मकाण्ड के आरम्भ में शुद्धिकरण का महत्व और शास्त्रोक्त क्रम क्या है? आचमन, पवित्री धारण, और शिखा बंधन के प्रामाणिक श्लोकों का संकलन। जानिए क्यों शुद्धिकरण के बिना कोई भी धार्मिक कृत्य निष्फल है।

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