बाप दादा जो करते आये वो गलत थे क्या ?
क्या आपके बाप-दादा जो करते आए वो गलत था? जानें कर्मकाण्ड में ‘बाप-दादा’ की दुहाई देकर शास्त्र विरुद्ध आचरण करने वालों का तार्किक उत्तर। अपण्डितों के अहंकार, प्रतिष्ठा और मासिक श्राद्ध के विधान पर एक शोधपरक आलेख।
क्या आपके बाप-दादा जो करते आए वो गलत था? जानें कर्मकाण्ड में ‘बाप-दादा’ की दुहाई देकर शास्त्र विरुद्ध आचरण करने वालों का तार्किक उत्तर। अपण्डितों के अहंकार, प्रतिष्ठा और मासिक श्राद्ध के विधान पर एक शोधपरक आलेख।
सविधि षोडश श्राद्ध (Shodasha Shraddh) कैसे करें? जानें कुतप काल का महत्व, मंत्रों की शुद्धता, और श्राद्ध में होने वाली सामान्य गलतियों का शास्त्रीय समाधान। पितृ ऋण मुक्ति हेतु एक विस्तृत मार्गदर्शिका।
कलयुग में पाप मुक्ति का वास्तविक मार्ग क्या है? जानें शास्त्रसम्मत प्रायश्चित्त और अनुग्रह विधान। ब्रह्मकूर्च विधि, स्मृतियों के प्रमाण और वर्तमान ढोंगी गुरुओं से बचाव का विस्तृत विश्लेषण।
संस्कृत साहित्य की अद्भुत चित्रात्मकता और नाद-सौंदर्य का अन्वेषण करें। शिव ताण्डव से लेकर नृसिंह स्तुति और भगवान दिगम्बर के दुर्लभ ध्वन्यात्मक पदों का अनूठा संग्रह। जानें कैसे ये ‘शब्दचित्र’ मानसिक एकाग्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं।
“कलयुग में प्रायश्चित्त विधान का शास्त्रीय विश्लेषण। अंगिरा, पराशर, देवल और दक्ष स्मृतियों के प्रमाणों के साथ जानें अशुद्ध देह, अभक्ष्य भक्षण और कर्माधिकार लोप का समाधान। आत्मकल्याण का सरल मार्ग और नाम-महिमा के प्रमाणों का अनूठा संग्रह।”
रजस्वला धर्म की शास्त्रीय मर्यादा और कड़े नियमों का संपूर्ण प्रमाण संग्रह। जानें मनु, पराशर और अंगिरा स्मृतियों के अनुसार चार दिनों की संज्ञाएँ, संसर्ग दोष और तथाकथित वैज्ञानिक कुतर्कों का प्रामाणिक खंडन।
“मनु, अंगिरा, पराशर और याज्ञवल्क्य स्मृतियों के प्रमाणों के साथ भक्ष्याभक्ष्य विचार। शूद्रान्न निषेध, वृथा-मांस दोष, लहसुन-प्याज वर्जना और अभक्ष्य भक्षण से मुक्ति हेतु शास्त्रोक्त प्रायश्चित्त विधान का प्रामाणिक संग्रह।
मनु, अत्रि, पराशर, आपस्तम्ब और देवल स्मृतियों के प्रमाणों के साथ स्पृश्यास्पृश्यता (स्पर्श-अस्पर्श) विचार। उच्छिष्ट संस्पर्श, म्लेच्छ संपर्क, रजस्वला स्पर्श दोष, और सार्वभौमिक अपवादों (उत्सव, देवयात्रा) पर एक प्रामाणिक शोध संग्रह।
“भगवान श्रीसत्यनारायण की भविष्य पुराणोक्त षडध्यायी (६ अध्याय) कथा का संपूर्ण संस्कृत पाठ। जानें क्यों है कलियुग में संस्कृत भाषा में कथा श्रवण अनिवार्य और क्या हैं इसके अलौकिक लाभ। काशी के सदानन्द ब्राह्मण और राजा चन्द्रचूड के दिव्य प्रसंगों के माध्यम से दरिद्रता निवारण, पुत्र प्राप्ति और संकट मुक्ति का शास्त्रोक्त मार्ग। कर्मकाण्ड की मर्यादा और कथा श्रवण के गुप्त नियमों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्तुति।”
“भविष्यपुराण के अनुसार श्रीसत्यनारायण व्रत की प्रामाणिक विधि। जानें पंच-कलश स्थापन, स्वर्णयुक्त शालिग्राम पूजन, और कर्माधिकार के वे सूक्ष्म नियम जो सामान्यतः लुप्त हो चुके हैं। प्रातः संकल्प से लेकर प्रसाद वितरण तक का शास्त्रीय विश्लेषण।”