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जाति व्यवस्था कहां से आई - स्मृति प्रमाण संकलन

जाति व्यवस्था कहां से आई – स्मृति प्रमाण संकलन

यह आलेख जाति व्यवस्था की शास्त्रीय और ऐतिहासिक जड़ों पर एक गंभीर शोधपूर्ण संकलन है। इसमें मनुस्मृति, औशनस स्मृति, वशिष्ठ स्मृति और याज्ञवल्क्य स्मृति जैसे ग्रंथों के माध्यम से यह प्रमाणित किया गया है कि विभिन्न जातियों की उत्पत्ति वर्णों के मिश्रण और विशिष्ट संस्कारों से हुई है। यह आलेख उन भ्रामक दावों का खंडन करता है जो जाति व्यवस्था को अंग्रेजों की देन बताते हैं। यह संकलन उन पाठकों के लिए है जो भारतीय समाज के वास्तविक सांस्कृतिक और सामाजिक ढांचे को मूल शास्त्रों के चश्मे से देखना चाहते हैं।

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वर्ण व्यवस्था - स्मृति प्रमाण संकलन

वर्ण व्यवस्था – स्मृति प्रमाण संकलन

यह आलेख सनातन धर्म की आधारशिला ‘वर्णाश्रम व्यवस्था’ पर आधारित एक विस्तृत प्रमाण-संग्रह है। इसमें मनुस्मृति, पाराशर स्मृति, याज्ञवल्क्य स्मृति और अत्रि संहिता जैसे प्रामाणिक धर्मग्रंथों के श्लोकों के माध्यम से यह प्रमाणित किया गया है कि वर्ण व्यवस्था जन्मना है। आलेख में उन कुतर्कों का भी खंडन किया गया है जो आधुनिकता के नाम पर शास्त्रीय मर्यादाओं को दूषित कर रहे हैं। यह संकलन जिज्ञासुओं के लिए मार्गदर्शक और अधर्मियों के कुतर्कों के लिए एक अकाट्य वाग्दंड है।

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प्रायश्चित्तापन्न अनुग्रह विधान - प्रमाण संकलन

प्रायश्चित्तापन्न अनुग्रह विधान – प्रमाण संकलन

कलयुग में पाप मुक्ति का वास्तविक मार्ग क्या है? जानें शास्त्रसम्मत प्रायश्चित्त और अनुग्रह विधान। ब्रह्मकूर्च विधि, स्मृतियों के प्रमाण और वर्तमान ढोंगी गुरुओं से बचाव का विस्तृत विश्लेषण।

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प्रायश्चित्त विधान और आत्मकल्याण का मार्ग - प्रमाण संकलन

प्रायश्चित्त विधान और आत्मकल्याण का मार्ग – प्रमाण संकलन

“कलयुग में प्रायश्चित्त विधान का शास्त्रीय विश्लेषण। अंगिरा, पराशर, देवल और दक्ष स्मृतियों के प्रमाणों के साथ जानें अशुद्ध देह, अभक्ष्य भक्षण और कर्माधिकार लोप का समाधान। आत्मकल्याण का सरल मार्ग और नाम-महिमा के प्रमाणों का अनूठा संग्रह।”

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अशौच विधान - प्रमाण संकलन

अशौच विधान – प्रमाण संकलन

जनन-मरण अशौच (सूतक-पातक) पर आधारित विस्तृत शास्त्र प्रमाण संकलन। मनुस्मृति, पराशर स्मृति और विभिन्न पुराणों के मूल श्लोकों के साथ जानें—किस वर्ण के लिए कितने दिन का अशौच है और किन परिस्थितियों में सद्य:शौच (तत्काल शुद्धि) का विधान है।

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ब्राह्मण माहात्म्य

ब्राह्मण माहात्म्य

धर्म और ब्राह्मण के अटूट संबंध पर आधारित एक शोधपूर्ण आलेख। महाभारत, स्कंद पुराण और विभिन्न स्मृतियों के प्रमाणों के साथ जानें ब्राह्मण माहात्म्य, वर्तमान व्यवस्था में ब्राह्मणों की स्थिति और धर्म रक्षा में उनकी भूमिका।

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कर्मकाण्ड में ग्राह्यग्राह्य ब्राह्मण अर्थात पात्रापात्र विचार - प्रमाण संकलन

कर्मकाण्ड में ग्राह्याग्राह्य ब्राह्मण अर्थात पात्रापात्र विचार – प्रमाण संकलन

धर्म/कर्मकांड में किस ब्राह्मण को ‘पात्र’ माना गया है और किसे ‘अपात्र’? मनुस्मृति, स्कंदपुराण और अत्रि स्मृति के प्रमाणों के साथ ‘योग्यायोग्य ब्राह्मण’ विचार। जानिए वर्तमान युग में शास्त्रोक्त ब्राह्मण के अभाव में क्या है परिहार की विधि।

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शुद्धिकरण अर्थात पवित्रीकरण के प्रमाण

शुद्धिकरण अर्थात पवित्रीकरण के प्रमाण

कर्मकाण्ड के आरम्भ में शुद्धिकरण का महत्व और शास्त्रोक्त क्रम क्या है? आचमन, पवित्री धारण, और शिखा बंधन के प्रामाणिक श्लोकों का संकलन। जानिए क्यों शुद्धिकरण के बिना कोई भी धार्मिक कृत्य निष्फल है।

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