द्वादशाह विधि | सपिंडी श्राद्ध विधि | वाजसनेयी
मासिक श्राद्धों में प्रथम के स्थान पर क्रमशः प्रयोग करे : द्वितीय – तृतीय – चतुर्थ – पञ्चम – ऊनषाण् – षष्ठ – सप्तम – अष्टम – नवम – एकादश – ऊनवार्षिक और द्वादश। 11 मास के मध्य यदि अधिकमास हो तो त्रयोदश मासिक की वृद्धि होगी। लेकिन फिर क्रम में परिवर्तन होगा – एकादश-द्वादश-ऊनवार्षिक और त्रयोदश।