Headlines

संपूर्ण कर्मकांड विधि

संपूर्ण कर्मकांड विधि

व्रात्य - Vraty

उपनयन संस्कार और व्रात्य

उपनयन संस्कार और व्रात्य, व्रात्य का अर्थ – ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तीनों वर्णों के लिये यज्ञोपवीत की एक सुनिश्चित अवधि है, व्रात्य का अर्थ होता है उस अवधि का अतिक्रमण हो जाना। निर्धारित अवधी व्यतीत हो जाने पर जिस व्यक्ति का उपनयन नहीं होता अथवा 10 संस्कारों का लोप हो जाता है उसे व्रात्य कहा जाता है ।

Read More
रजस्वला स्त्री का अर्थ | काल, नियम इत्यादि सम्पूर्ण जानकारी

रजस्वला स्त्री का अर्थ | काल, नियम इत्यादि सम्पूर्ण जानकारी

रजस्वला स्त्री का अर्थ | काल, नियम इत्यादि सम्पूर्ण जानकारी – रजस्वला के सन्दर्भ में कई प्रश्न आते हैं। इस आलेख में पौराणिक आख्यानों, शास्त्रोक्त प्रमाणों का आधार ग्रहण करते हुये रजस्वला के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुये रजस्वला स्त्री होने का क्या अर्थ है, रजस्वला स्त्री के लिये शास्त्रों में क्या-क्या नियम बताये गये हैं, क्या-क्या दोष कहा गया है, कालमान क्या होता है इत्यादि कई महत्वपूर्ण प्रश्नों का उत्तर भी दिया गया है।

Read More
उपनयन संस्कार मुहूर्त 2024

उपनयन संस्कार मुहूर्त 2024

उपनयन संस्कार मुहूर्त 2024 – उपनयन संस्कार मुहूर्त से मुख्य तात्पर्य उपनयन संस्कार ही होता है, किन्तु उपनयन संस्कार मुहूर्त में ही उपनयन के साथ मुंडन, वेदारम्भ और समावर्तन भी किये जाते हैं।

Read More
मुंडन संस्कार मुहूर्त 2024 – mundan muhurat

मुंडन संस्कार मुहूर्त 2024 – mundan muhurat

मुंडन संस्कार मुहूर्त 2024 –
8 जुलाई 2024, सोमवार, आषाढ़ शुक्ल तृतीया, नक्षत्र पुष्य 6:02 am तक।
12 जुलाई 2024, शुक्रवार, आषाढ़ शुक्ल (षष्ठी) सप्तमी में 12:32 pm से, नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी और हस्त दोनों प्रशस्त।

Read More
हेमाद्रि संकल्प प्रयोग – विस्तृत संकल्प

हेमाद्रि संकल्प प्रयोग – विस्तृत संकल्प (Sankalp 2)

हेमाद्रि संकल्प बृहद् होने के कारण सामान्यतः प्रयोग नहीं किया जाता है किन्तु, प्रयास करना चाहिये। इसमें भारत का विशद विवरण किया गया है और जो लोग भारत को किसी मुगल या आक्रमणकारी से जोड़कर सिद्ध करने का प्रयास करते हैं उनको इसका विशेष रूप से अध्ययन करना चाहये।

Read More
समावर्तन संस्कार – samavartan sanskar

समावर्तन संस्कार – samavartan sanskar

समावर्तन संस्कार – सामान्य जन एक ही दिन में उपनयन के उपरान्त प्रतीकात्मक रूप से वेदारम्भ और पारायणरहित ही समावर्तन करते हैं।

Read More
कैसे करते हैं वेदारम्भ संस्कार – vedarambh

कैसे करते हैं वेदारम्भ संस्कार – vedarambh

वेदारम्भ संस्कार – वेदाध्ययन का मूल स्वरूप गुरुकुल में आचार्य से दीक्षित होकर ब्रह्मचर्यधारण पूर्वक सभी नियमों का पालन करते हुये वेदाध्ययन करना है। सामान्य जनों की वेदाध्ययन से निवृत्ति हो गयी है।

Read More
क्या आप उपनयन संस्कार के इन महत्वपूर्ण तथ्यों को जानते हैं – upnayan sanskar

क्या आप उपनयन संस्कार के इन महत्वपूर्ण तथ्यों को जानते हैं – upnayan sanskar

उपनयन संस्कार (upnayan sanskar) – उपनयन के द्वारा इन तीनों वर्णों का नया जीवन आरम्भ होता है जिसमें गायत्री, वेद, यज्ञ आदि का अधिकार प्राप्त होता है। उपनयन होने के बाद ही उपनीत को श्रौत और स्मार्त कर्म का अधिकार प्राप्त होता है।

Read More
क्या है मुंडन संस्कार ? विधि और मंत्र – चूडाकरण – mundan

क्या है मुंडन संस्कार ? विधि और मंत्र – चूडाकरण – mundan

मुंडन संस्कार – विशेष विधि से केशाधिवासन पूर्वक संस्कार की प्रक्रिया से हवनादि करके प्रथम बार मुंडन किया जाता है तो वह चूडाकरण कहा जाता है।

Read More