Headlines
पुष्पाधिवास विधि – प्राण प्रतिष्ठा विधि

पुष्पाधिवास विधि – प्राण प्रतिष्ठा विधि

संकल्प मंत्र : ॐ अद्यादि ……………………… प्रतिष्ठाङ्गगत्वेन प्रतिमासंशुद्ध्यर्थं ममगृहे प्रचुरधान्यपुत्र-पौत्रादिसुखसम्पत्यादि अभिवृद्धयर्थं पुष्पाधिवासं करिष्ये ॥

Read More
शय्याधिवास – प्राण प्रतिष्ठा विधि

शय्याधिवास – प्राण प्रतिष्ठा विधि

धान्याधिवास के उपरांत क्रमशः जो भी अन्य अधिवास करना हो करके स्नपन करे।
स्नपन के बाद पुरुष सुक्तादि से स्तुति करे।
सजाया हुआ रथ तैयार करे इन मंत्रों से प्रतिमाओं को उठाये :

Read More
सरल रुद्राष्टाध्यायी – रुद्री पाठ संस्कृत

सरल रुद्राष्टाध्यायी – रुद्री पाठ संस्कृत : 8 Rudri

सरल रुद्राष्टाध्यायी – रुद्री पाठ संस्कृत : यहां संपूर्ण रुद्राष्टाध्यायी सरल करके प्रस्तुत किया गया है। लेकिन प्रायः ऐसा देखा गया है कि सरल करने के क्रम में विसंगतियां या असंगतियां उत्पन्न हो जाती है। यहां सरल पाठ के साथ-साथ त्रुटियों को दूर करके सर्वाधिक शुद्ध पाठ देने का प्रयास किया गया है, जिस कारण रुद्राभिषेक में यह विशेष उपयोगी हो जाता है।
इसके साथ ही एक और महत्वपूर्ण समस्या को दूर करने का भी प्रयास किया गया है। प्रायः मंत्रों के बीच में भी विज्ञापन आते हैं यहां इसका भी निवारण किया गया है।

Read More
धान्याधिवास – प्राण प्रतिष्ठा विधि

धान्याधिवास – प्राण प्रतिष्ठा विधि

किसी भी प्रतिमा में देवता की प्राण प्रतिष्ठा करने से प्रतिमा को कई प्रकार की वस्तुओं में अधिवास कराया जाता है जिनमें से तीन प्रमुख अधिवास माने गये हैं :

१. जलाधिवास, २. धान्याधिवास और ३. शय्याधिवास

Read More
जलाधिवास – जलाधिवास क्या होता है ? जलाधिवास मंत्र क्या है ?

जलाधिवास – जलाधिवास क्या होता है ? जलाधिवास मंत्र क्या है ?

“जलाधिवास” आलेख में प्राण-प्रतिष्ठा का महत्वपूर्ण अंग जलाधिवास के विषय में चर्चा करते हुए विधि और मंत्र बताया गया है। जलाधिवास का तात्पर्य शास्त्रीय विधि से एक निर्धारित समय तक जल में वास करना है। इससे प्राण प्रतिष्ठा करने की क्षमता बढ़ती है और दाहत्व का निवारण होता है। जलाधिवास करने की विधि में पूजा, मंत्र और संस्कारों का वर्णन किया गया है।

Read More
अग्न्युत्तारण विधि – प्राण प्रतिष्ठा

अग्न्युत्तारण विधि – प्राण प्रतिष्ठा

प्रतिमा की प्राणप्रतिष्ठा से पहले अग्न्युत्तारण संस्कार किया जाता है। इस लेख में अग्न्युत्तारण मंत्र दिया गया है जो प्राण प्रतिष्ठा के लिए उपयोगी हैं। अग्न्युत्तारण के महत्वपूर्ण बिंदु और विधि तत्व बताए गए हैं। मंत्र पाठ और आहुति द्वारा इसे पूर्ण करने के लिए विस्तृत जानकारी दी गई है।

Read More
वास्तु शांति पूजा विधि – गृह वास्तु, मंडपांग वास्तु

वास्तु शांति पूजा विधि – गृह वास्तु, मंडपांग वास्तु

वास्तु शांति पूजा विधि – गृह वास्तु, मंडपांग वास्तु ~ यदि नया घर बनाया गया हो तो वास्तु शांति की विधि सर्वविदित है।
यदि पुराना घर हो तो भी वास्तु शांति अपेक्षित होती है।
यदि पुराने घर के ऊपर या बगल में नया घर बनाया जाता है तो उसमें भी मुख्य रूप से वास्तु शांति ही कर्तव्य होता है।

Read More
जलयात्रा विधान – शास्त्रोक्त विधि के अनुसार

जलयात्रा विधान – शास्त्रोक्त विधि के अनुसार

जल यात्रा, धार्मिक आयोजन के रूप में सूचीत की जाती है। इसमें कुमारी कन्याओं और सौभाग्यवती स्त्रियों के साथ नदी या जलाशय से जल ग्रहण करके यात्रा करते हुए देवी-देवताओं के पूजन का कार्य होता है। इसके लिए शास्त्रों की विधि का पालन किया जाता है। यह एक पवित्र तीर्थ यात्रा के रूप में मानी जाती है।

Read More
सरस्वती पूजा विधि मंत्र सहित - saraswati puja vidhi

सरस्वती पूजा विधि मंत्र सहित ~ Saraswati Puja Vidhi

सरस्वती पूजा विधि मंत्र सहित ~ Saraswati Puja Vidhi : इस लेख में, हम आपको माता सरस्वती की पूजा विधि और मंत्रों के बारे में बताएँगे। विद्या की देवी सरस्वती की पूजा के दिन मंदिर, मंडप, विद्यालय में पूजा की जाती है और जहाँ भी विशेष पूजा हो, वहां लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमा भी स्थापित की जाती है।

Read More
नामकरण कैसे करें ? नामकरण संस्कार

नामकरण कैसे करें ? नामकरण संस्कार

सूतिका को पंचगव्य प्राशन करा दे।
फिर पूर्व बताई विधि के अनुसार बालक को लेकर सूतिका पूजा स्थान पर आये।
बालक को गोद में ली हुई माता अग्नि की प्रदक्षिणा करके संस्कारकर्ता के बांयी ओर बैठे ।
आचमन करके पूजित देवताओं का स्मरण करके पुष्पांजलि दे।
फिर आचार्य अथवा बालक का पिता स्वर्ण शलाका से अष्टगंधादि द्रव्य का द्वारा पीपल के पांच पत्ते या श्वेत वस्त्र पर बच्चे के लिये निर्धारित पंचनाम लिखे।
फिर पंचनामों को तण्डुलपूर्ण पात्र में रखकर अक्षत-पुष्पादि लेकर उसकी प्रतिष्ठा करे :

Read More